20 सालों से महिला नर्सिंग कर्मियों के साथ हो रहा हैं भेदभाव, ‘राजमेक्स’ ने उठाई आवाज

फोकस भारत। राजस्थान में महिला नर्सिंगकर्मियों से लैंगिंक भेदभाव के कारण सरकारी सिस्टम में अंदरखाने चलने वाले गोरखधंधे की पोल खुल गई है। दरअसल इनके विभागीय प्रमोशन का अनुपात ही 20 साल से मनमर्जी से चल रहा है। मसलन महिला नर्सिंग कर्मीं पुरुष नर्सिंंग कर्मी से किसी स्तर में कमतर नहीं है। महिला नर्सिंगकर्मी सेवा में सर्वोपरि है ऐसे सबसे बड़ा सवाल है कि फिर ये भेदभाव क्यों ?

-महिला नर्सिंग कर्मियों के साथ भेदभाव
-पदोन्नति में हो रहा है भेदेभाव
-ACS मेडिकल तक पहुंचाई शिकायत
-चिकित्सा विभाग में भेदभाव
-राजमेकस ने लगाई गुहार

महिला नर्सिंगकर्मियों से लैंगिक भेदभाव के कारण सरकारी सिस्टम में अंदरखाने चलने वाला घालमेल उजागर हुआ है। इनके विभागीय प्रमोशन का अनुपात ही बीस साल से मनमर्जी से चल रहा है। यह बानगी है कि किस तरह अपनों को फायदा पहुंचाने के लिए किसी बड़े वर्ग के हितों की अनदेखी की जा सकती है।

राजमेक्स ने उठाई आवाज
राजस्थान महिला अधिकारी एवं कर्मचारी एकीकृत महासंघ (राजमेक्स) ने प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य रोहित कुमार सिंह से महासंघ की माँगो के संबंध में मुलाकात की। दरअसल प्रमुख शासन सचिव को , अध्यक्ष नसरीन भारती , महासचिव विजेता चारण एवं नीलम नवरिया ने तथ्यों एवं साक्ष्यों सहित अवगत कराया कि चिकित्सा विभाग के नर्सिंग उपक्रम में महिलाओं के साथ पदोन्नति में भेदभाव किया जा रहा है। नर्सिंग सुपरिटेंडेंट प्रथम के प्रमोशन में वर्ष 1999 से 6:4 (6 पुरुष : 4 महिला नर्सेस) के अनुपात में पदोन्नति दी जा रही है जो संविधान के अनुच्छेद 16 (2) के अनुरूप पदोन्नति के समान अवसर का सीधा सीधा उल्लंघन है। महिला नर्सेज के उच्च पदों पर पदोन्नति में के अवसर छीने जा रहे हैं जिससे उनमे भारी रोष व्याप्त है।

सेवा में सर्वोपरि, फिर भेदभाव क्यों ?
राजमेक्स की महासचिव विजेता चारण ने बताया कि प्रमुख शासन सचिव ने महिला नर्सेज की इस पीड़ा को ध्यानपूर्वक सुना एवं महिला नर्सेज की माँग को जायज़ ठहराते हुए अतिशीघ्र विभागीय जाँच करवाने का पूर्ण आश्वासन दिया और जाँच होने तक नर्सिंग अधीक्षक की होने वाली DPC को रोकने के भी आदेश दिये। इस अवसर पर अध्यक्ष डॉ नसरीन भारती, महासचिव विजेता चारण, प्रदेश संगठन सचिव नीलम नवरिया कार्यकारिणी सदस्य मुमताज़ बानो, ऋचा शर्मा, रेखा चावला, एवं SMS, JK लोन, सांगानेरी महिला अस्पताल, जयपुरिया, कॉंवटिया एवं ज़नाना अस्पताल से बड़ी संख्या में महिला नर्सिंग कर्मी मौजूद रही।

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