ममता दीदी के ‘लॉकडाउन पैटर्न’ से भाजपा को क्यों आती है सांप्रदायिकता की बू ?

  • ईद मोहर्रम पर पश्चिम बंगाल में अनलॉक
  • राम मंदिर भूमि पूजन के दिन संपूर्ण लॉकडाउन
  • पिछले महीने शनिवार-रविवार लॉकडाउन की बनी थी नीति

फोकस भारत। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भारतीय जनता पार्टी मुस्लिम तुष्टिकरण के आरोप लगाती रही है। एकाध बार पश्चिम बंगाल से कुछ ऐसी तस्वीरें भी सामने आईं जब सड़क पर जय श्रीराम के नारे लगाते उपद्रवियों को ममता बनर्जी ने गाड़ी से उतरकर फटकारा। पश्चिम बंगाल में भाजपा के दो नेताओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और आए दिन भाजपा-टीएमसी कार्यकर्ताओं के खूनी संघर्ष ने वेस्ट बंगाल में राजनीति का बिगड़ा हुआ मुखौटा आमजन के सामने रखा है। उन तमाम बातों पर बात नहीं करेंगे। आज बात करेंगे ममता दीदी के के लॉकडाउन खेल की। इसे खेल कहना राजनीतिक पंडितों को इसलिए भी भा रहा है क्योंकि ममता बनर्जी का लॉकडाउन पैटर्न हर महीने बदल रहा है।

ये पैटर्न हम आपको बताएं, उससे पहले बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी ने ये आरोप लगाए हैं कि उनकी लॉकडाउन नीति तुष्टिकरण से भरपूर है।

जुलाई में ममता की लॉकडाउन नीति

जुलाई में उन्होंने 23, 25 और 29 तारीख को कंपलीट लॉकडाउन लगाया। इनमें मंगलवार, गुरूवार और शनिवार को कंपलीट लॉकडाउन किया गया। हवाला ये दिया गया कि वीकेंड पर लोग अनावश्यक बाहर निकलते हैं इसलिए शनिवार-रविवार को लॉकडाउन लगाने की नीति तय हुई।

अगस्त में बदल गई लॉकडाउन की नीति

1 अगस्त, शनिवार – ईद – अनलॉक

2 अगस्त, रविवार- अनलॉक

3 अगस्त, सोमवार- रक्षाबंधन- अनलॉक

5 अगस्त, बुधवार- राममंदिर भूमि पूजन- संपूर्ण लॉकडाउन

8 अगस्त, शनिवार- संपूर्ण लॉकडाउन

9 अगस्त, रविवार- अनलॉक

15 अगस्त, शनिवार- स्वतंत्रता दिवस- अनलॉक

16 अगस्त, रविवार- संपूर्ण लॉकडाउन

17 अगस्त, सोमवार- संपूर्ण लॉकडाउन

22 अगस्त, शनिवार- अनलॉक

23 अगस्त, रविवार- संपूर्ण लॉकडाउन

29 अगस्त- शनिवार- अनलॉक

30 अगस्त- रविवार – मोहर्रम अनलॉक

 

ममता पर सवाल

लॉकडाउन लगाने के लिए ममता ने तीन बैठकें की थीं, पहले 11 दिन कंपलीट लॉकडाउन पर विचार किया गया, दूसरी बैठक में 9 दिन और तीसरी बैठक में फाइनली 7 दिन के लॉकडाउन पर सहमति बनी। अगस्त की पहली तारीख शनिवार था इस लिहाज से जुलाई की नीति के अनुसार शनिवार को लॉकडाउन होना चाहिए था, लेकिन ममता ने शनिवार यानी बकरीद को लॉकडाउन से मुक्त कर दिया। 2 अगस्त रविवार भी अनलॉक किया गया है। 3 अगस्त को रक्षाबंधन है इसलिए इस दिन को भी अनलॉक रखा गया है। 5 अगस्त को संपूर्ण लॉकडाउन रखा गया है। भाजपा को इसी तारीख पर एतराज है क्योंकि इसी दिन अयोध्या में राममंदिर का भूमि पूजन होना है। सवाल ये भी है कि 1 अगस्त की ईद और 30 अगस्त की मोहर्रम की तारीखों पर शनिवार और रविवार होने के बावजूद ममता ने इन्हें लॉकडाउन से मुक्त रखा है।

बहरहाल, 7 अगस्त को संकष्टी चतुर्थी, 12 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी और 22 अगस्त को गणेश चतुर्थी के हिन्दू त्योंहारों पर भी पश्चिम बंगाल में अनलॉक रहेगा। लेकिन इन तारीखों पर भारतीय जनता पार्टी ने शायद ध्यान नहीं दिया। कुल मिलाकर भाजपा की नजर सिर्फ उसी मुद्दे पर है, जिस पर ममता बनर्जी कई बार नाराजगी जता चुकी हैं, राम मंदिर के मुद्दे पर। हां, ये जरूर माना जा सकता है कि शनिवार-रविवार को संपूर्ण लॉकडाउन लगाने की अपनी ही नीति पर ममता ने अगस्त में रुख क्यों बदल लिया ? इसका सीधा सा जवाब हिंदू-मुस्लिम दोनों के अहम पर्वों को लेकर है, लेकिन भाजपा के ये बात गले नहीं उतरेगी।

रिपोर्ट- आशीष मिश्रा