सिर पर लगा हेलमेट लोकल निकला तो दुपहिया चालक का कटेगा चालान

  • 1 मार्च 2021 से लागू होगा नया ट्रैफिक रूल
  • लोकल हेलमेट बनाने वाली कंपनी पर 2 लाख लगेगा जुर्माना

फोकस भारत। केंद्र सरकार एक नया कानून लागू करने जा रही है जिसके तहत दोपहिया वाहन सवारों को सिर्फ ब्रांडेड हेलमेट पहनना होगा। इसके साथ ही हेलमेट के उत्पादन और बिक्री को सुनिश्चित करने के लिए भी नया कानून में प्रावधान हैं। कहने का मतलब ये है कि अगर आप लोकल हेलमेट पहनकर सड़क पर निकलेंगे तो आप पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा जो कंपनी लोकल हेलमेट का उत्पादन करेगी उस पर दो लाख रुपये का जुर्माना होगा, कंपनी के जिम्मेदार लोगों को जेल भी हो सकती है। यह नया ट्रैफिक नियम अगले साल 1 मार्च से लागू होगा।

लोकल हेलमेट बनता है मौत की वजह

एक तथ्य यह है कि हर दिन सड़क हादसों में लोकल हेलमेट या बिना हेलमेट के चलते दुपहिया सवार 28 लोगों की जान चली जाती है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने बाइक सवारों को सुरक्षित हेलमेट मुहैया कराने के लिए पहली बार हेलमेट को भारतीय मानक ब्यूरो की सूची में शामिल किया है। मंत्रालय ने 30 जुलाई को जारी अधिसूचना में हितधारकों से आपत्ति और सुझाव मांगे हैं। इसके 30 दिन बाद नया नियम लागू कर दिया जाएगा। इसके तहत निर्माता कंपनियों को हेलमेट को बाजार में बिक्री से पहले बीएसआई से प्रमाणित करना जरूरी होगा। इसमें राज्य सरकारों के प्रवर्तन विभाग को अधिकार होंगे कि वह लोकल हेलमेट की बिक्री और उत्पादन पर रोक लगाने के लिए समय-समय पर जांच करें।

हेलमेट का वजन होगा 1 किलो 200 ग्राम

नए मानक में हेलमेट का वजन डेढ़ किलो से घटाकर एक किलो 200 ग्राम कर दिया गया है। हेलमेट को बीआईएस सूची में शामिल होने से दो पहिया वाहन चालकों की सड़क दुर्घटना में जान बच सकेगी। 2016 की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में लोकल हेलमेट या बिना हेलमेट बाइक चलाते हुए रोजाना 28 सवारों की सड़क हादसे में मौत होती है।

लोकल हेलमेट बनाने वाली कंपनी पर भी जुर्माना

गैर बीआईएस हेलमेट उत्पादन, स्टॉक और ब्रिकी अब अपराध माना जाएगा। ऐसा करने पर कंपनी पर दो लाख का जुर्माना होगा और सजा भी संभव है। लोकल हेलमेट अब निर्यात भी नहीं किया जा सकेगा। भारत में कई लोग चालान से बचने के लिए इंजीनियर-स्टाफ और औद्योगिक हेलमेट को टोपी की तरह सिर पर रखकर चल देते हैं, चालान से तो ये लोग बच निकलते हैं, लेकिन जब सड़क हादसा होता है तो ये हेलमेट जान नहीं बचा पाते। बीएसआई लागू होने से हेलमेट के बैच, ब्रांड, बनने की तारीख आदि का उपभोक्ता को पता रहेगा।

बहरहाल, अब हाईवे पर चलते समय या किसी सड़क किनारे से हेलमेट खरीदना आपको भारी पड़ सकता है। नए ट्रैफिक रूल आपकी जान बचाने के लिए हैं। इसलिए अभी से अपने सिर की सही कीमत समझें और उत्तम क्वालिटी का हेलमेट खरीद लें।

रिपोर्ट- आशीष मिश्रा