दुनिया की पहली ट्रांसजेंडर महामंडलेश्वर

फोकस भारत। world first kinnar bhagwatacharya mahamandaleshwar himangi sakhi maa reached Agra uttar pradesh- उत्तर प्रदेश राज्य के आगरा में एक दिवसीय प्रवचन के लिए भागवत कथा वाचक  और विश्व की पहली किन्नर महामंडलेश्वर  हिमांगी सखि मां  पहुंची । उन्होंने किन्नरों को देवी देवताओं के बराबर बताते हुए किन्नरों को राजनीति में आने और किन्नर के प्रधानमंत्री बनने की मंशा जताई। महामंडलेश्वर ने कहा कि किन्नर का जन्म समाज को कुछ देने के लिए हुआ है। किन्नर का स्थान देवी देवताओं के बराबर होता है। किन्नर को अर्धनारीश्वर भी कहा जाता है। मुझे महामंडलेश्वर की उपाधि नेपाल के पशुपति पीठ से मिली है। कुम्भ में हमारे गुरु गौरी शंकराचार्य जी द्वारा उपाधि दी गई।

हिमांगी सखि मां

जानकारी के मुताबिक गुजरात के बड़ौदा में जन्मी महामंडलेश्वर हिमांगी सखि मां मुंबई आकर बस गई थीं। उनके पिताजी फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर थे और उन्होंने राजकपूर के साथ काम किया था। प्रारंभिक शिक्षा कान्वेंट स्कूल में की। पिताजी और माताजी का निधन हो जाने के बाद शिक्षा अधूरी रह गई। उसके बाद सन् 1999 में उन्होंने बहन की शादी कराई और जीविका चलाने के लिए उन्होंने फिल्मों में अभिनय भी किया। सन् 2005 में फिल्म ‘शबनम मौसी,’ ‘डाउन टाउन’ और ‘थर्ड मैन’ जैसी फिल्मों में रोल किया। उसके बाद कृष्ण भगवान की ओर झुकाव बढ़ता गया और सब छोड़कर वृंदावन आ गई। यहां शास्त्रों का अध्ययन किया। अब वो प्रवचन, सत्संग और कथा में भगवत भक्ति की धारा प्रवाहित करती हैं। आप विश्व की पहली किन्नर महामंडलेश्वर हैं, जो श्रीमद् भागवत कथा का वाचन करती हैं। आप मॉरीशस, बैंकांक, सिंगापुर, हांगकांग सहित देश के 50 नगरों में श्रीमद् भागवत कथा कर चुकी हैं। हिमांगी सखी  का ये संघर्ष आज ट्रांसजेंडर कम्यूनिटी के लिए प्रेरणादायक है। किन्नर समाज को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।