कोरोना वॉरियर: ये रोजे के साथ भीषण गर्मी में जो सेवा कर रहे है वो आपके दिल को छू जाएगी

फोकस भारत। कोरोना महामारी, 34 मरीज, कर्फ़्यू,भीषण गर्मी, विकट परिस्थितियाँ और उसपर रमज़ान का पवित्र महिना। लेकिन इन सबके बावजूद भी ये डॉक्टर ईमान और फर्ज़ का पक्का होने का सबूत दे रहा है। जी हाँ हम बात कर रहे हैं इस संकटकाल में धरती के उस भगवान की जो इन सब कठिन परिस्थितियों में भी अपना धर्म भी निभा रहा है और अपना फर्ज़ भी

इनके जज्बे को सलाम
जैसलमेर के पोकरण कस्बे में इन दिनों कोरोना का कहर जारी है। अब तक 34 कोरोना मरीज परमाणु नगरी पोकरण में मिल चुके हैं। जिसके चलते पोकरण में कर्फ़्यू लगा हुआ है। इसके साथ ही सूर्य देवता भी अपना रौद्र रूप पोकरण में दिखा रहे हैं जहां तापमान 40 डिग्री से भी उपर चला जा रहा है, रमज़ान का पवित्र महिना भी शुरू हो चुका है। लेकिन इन सब विकट परिस्थितियों में भी पोकरण में चिकत्सक व पुलिसकर्मी अपना फर्ज़ निभाते नज़र आ रहे हैं। उनमे से ही वहाँ कार्यरत डॉक्टर सलीम जावेद व लौंग मोहम्मद कोरोना वीर की मिसाल पेश करते नज़र आ रहे हैं। जी हाँ रमज़ान के पवित्र महीने में लोग रोज़ा रखकर लोक डाउन के चलते घरों में ही इबादत कर रहे हैं वहीं ये डॉक्टर रोज़ा रखकर निकल पड़ते हैं अपने फर्ज़ निभान को। फर्ज़ भी ऐसा खतरनाक जिसमे मौत का खतरा बना हुआ ही रहता है। लेकिन अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए भी भूखे पेट वो संक्रमित लोगों के बीच अंजान कोरोना संक्रमन वाली जघों पर जाते हैं, अंजान लोगों का सर्वे करते हैं, क्वारेनटाइन वाली जघों पर घूमते हैं, पॉज़िटिव आए मरीज़ों को रेफर करते हैं, लेकिन रोज़ा रखकर अल्लाह के प्रति अपने ईमान को कायम रखते हैं॥ दरअसल पोकरण में कार्यरत ब्लॉक मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.लोंग मोहम्मद राजड़ एवं डॉक्टर सलीम जावेद रमजान के पवित्र माह में रोजा रखने के बाद भी भीषण गर्मी के मौसम में अस्पताल व अपने कार्यालय पहुंचते हैं तथा कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर किए जा रहे सर्वे, स्क्रीनिंग के कार्य की मोनीटरिंग भी करते हैं।

कोरोना वॉरियर
गौरतलब है कि रमजान का पवित्र माह शनिवार को शुरू हो चुका है। ऐसे में मुस्लिमभाई अपने घरों में ही रोजा रखकर इबादत कर रहे है। पोकरण में कोरोना वायरस के पॉजिटिव मिलने के बाद से यहां कार्यरत बीसीएमओ डॉ.लोंग मोहम्मद राजड़ और डॉक्टर सलीम जावेद की जिम्मेवारी बढ़ चुकी है। जिम्मेवारी निभाते हुए इन दोनो ने कल शनिवार को भी रोजा रखा था तथा आज भी रखा है। डॉ.सलीम जावेद ने बताया कि देश में कोरोना के बढ़ते प्रभाव के बाद गत दो माह से वे अपने घर भी नहीं गए है। प्रतिदिन क्षेत्र में सर्वे, स्क्रीनिंग व नमूने लेने के कार्य पर निगरानी बरते हुए है। इसके साथ वे स्वयं फिल्ड में जाकर सर्वे व स्क्रीनिंग के कार्य पर निगरानी बरते हुए है। उनकी ओर से पोकरण में कोरोना को हराने के लिए मुस्तैदी के साथ कार्य किया जा रहा है। इस महीने में वे रोज़े भी रख रहे हैं और अपना फर्ज़ भी निभा रहे हैं। साथ ही लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह भी दे रहे हैं। मसलन एक ओर जहां सब लोग इस महामारी में घरों में दुबके है वहीं ये डॉक्टर भूखे पेट अपना फर्ज़ निभा रहे हैं। ऐसे कोरोना वीर को हम दिल से
सलाम करते है।

रिपोर्ट- सिकंदर शेख

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