Rajasthan Politics: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot ) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) से कुछ समय निकाल कर सोमवार सुबह अचानक दौसा के बसवा इलाके के जयसिंहपुरा गांव पहुंच गए। सुबह 7.30 बजे अचानक मुख्यमंत्री को खुद के बीच देख ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। सोमवार अलसुबह भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बांदीकुई क्षेत्र के कोलाना से अलवर की ओर रवाना हुए थे। काफी देर पैदल चलने के बाद सीएम अचानक यात्रा छोड़ बसवा की ओर निकल गए। इस दौरान वे जयसिंहपुरा गांव में किसान बद्रीप्रसाद मीणा के घर पहुंचे। दरअसल घर के बाहर 5 साल का बच्चा मयंक अलाव ताप रहा था। मुख्यमंत्री उसके पास जमीन पर जाकर बैठ गए और हाथ तापने लगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मयंक से ठंड को लेकर बात करने लगे। इसके बाद उन्होंने वहां मौजूद अन्य बच्चों, महिलाओं को भी वहीं अलाव के पास ही बुला लिया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को कुर्सी दी और अलाव के पास आ गए। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ चल रहा प्रशासनिक अमला पीछे खड़ा हो गया।
इस दौरान महिला सहकारी समिति झाझीरामपुरा की अध्यक्ष व राशन डीलर कमला ब्याडवाल से मुख्यमंत्री चर्चा करने लगे। कमला किसान बद्रीप्रसाद की बेटी हैं और उनका पीहर नजदीक ही है। वे भारत जोड़ो यात्रा को लेकर पिता के घर आई हुई थीं। पता चला कि मुख्यमंत्री आए हैं तो मिलने पहुंच गई। कमला देवी ने मुख्यमंत्री बसवा की मिट्टी से बना पोट और तिरंगे के रंग में रंगा हल भेंट किया। कमला ने बताया कि मयंक उनका भतीजा है और पहली क्लास में पढ़ता है। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई को लेकर जब मुख्यमंत्री ने पूछा तो कमला ने कहा कि गांव का नजदीकी स्कूल जयसिंहपुरा फाटक के पास है। यह आठवीं तक ही है। आगे की पढ़ाई के लिए बच्चों को बसवा या बांदीकुई जाना पड़ता है। कमला देवी ने स्कूल को 10वीं तक क्रमोन्नत करने की मांग की। तब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आजकल सेकेंडरी नहीं बल्कि सीनियर सेकेंडरी होता है, स्कूल को सीधे 12वीं तक क्रमोन्नत कर देंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर कमर चौधरी को निर्देश देते हुए कहा कि स्कूल का नाम नोट करने के निर्देश दिए। वहीं सीएम गहलोत के इस फैसले की चर्चा बी खूब हो रही है।
यही नहीं सीएम अशोक गहलोत ने अलाव सेक रहे बच्चों से भी उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी लेनी शुरू कर दी, तो बच्चों ने बताया कि वे सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ रहे हैं। अशोक गहलोत ने उनसे कुछ अंग्रेजी में सुनाने को कहा तो बच्चों ने एबीसीडी सुना दी और अंग्रेजी में ही 4 का पहाड़ा भी सुना दिया ।जिसे सुनकर खुद अशोक गहलोत ताली बजाने से अपने आप को नहीं रोक पाए।