Uttar Pradesh Assembly Election: राजनीतिक पंड़ित कहते है कि पूर्वांचल जिसके साथ खड़ा होता है लोक भवन की पांचवी मंजिल पर उसका राज होता है, गोरखपुर जनपद की सभी 9 विधानसभा सीटें अहम है उत्तर विधानसभा चुनाव के लिहाज से। सियासी रूप से पूर्वांचल बहुत खास हो जाता है, यहां 28 जिलों में 162 विधानसभा सीट जिस सियासी दल के लिए दरवाजे खोल देती है सरकार उसी की बनती है। आज हम बात करेंगे गोरखपुर जनपद की अहम विधानसभा सीट बांसगांव Bansgaon Assembly Seatकी। जहां से कांग्रेस पार्टी की दमदार नेत्री स्नेहलता गौतम चुनावी रण में मजबूती से ताल ठोक रही है।UP Elections 2022 –
दमदार नेत्री- स्नेहलता गौतम (Snehlata Gautam)
स्नेहलता गौतम की लोकप्रियता की बात करें तो वे शुरू से समाज सेवा से जुड़े रही, कांग्रेस पार्टी की दमदार और जुझारु नेत्री है। गरीबों की मदद करने के साथ ही महिलाओं की आवाज को हमेशा बुलंद करती आ रही है। वर्तमान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सदस्य है। स्नेहलता ने संगठन में कई अहम पदों पर रहते हुए पार्टी को मजबूत करने में अहम रोल अदा किया है। बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के अपने दम पर राजनीति के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान कायम की है। राजनीतिक विश्लेषक कहते है कि अगर कांग्रेस पार्टी ने बांसगांव विधानसभा सीट से स्नेहलता गौतम को मैदान में उतारा तो बीजेपी को कांटे की टक्कर मिल सकती है। इस सीट पर स्नेहलता गौतम का दावा मजबूत दिखाई दे रहा है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
उत्तर प्रदेश राज्य के गोरखपुर जिले में बांसगांव विधानसभा सीट है। क्षेत्र के प्रसिद्ध स्थलों में कुलदेवी का मंदिर प्रमुख है, इस मंदिर की अपनी ही मान्यता है। शारदीय नवरात्र की नवमी के दिन यहां पर बहुत बड़ा मेला लगता है । लखनऊ से इस निर्वाचन क्षेत्र की दूरी लगभग 283 किलोमीटर है। बांसगांव विधानसभा में करीब 3,70,474 मतदाता है। इस विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के वोटरों की संख्या ज्यादा है। इस विधानसभा क्षेत्र में पासी समुदाय के वोटर भी ज्यादा हैं, इस विधानसभा क्षेत्र में हर जाति वर्ग के मतदाता हैं। पासवान बिरादरीऔर अगड़ी जाति का वोट जीत में अहम भूमिका निभाता है, बांसगांव में 40 हजार निषाद वोटर हैं। इस सीट पर अनुसूचित जाति और जनजाति के वोटरों की संख्या अधिक है, ये सीट आरक्षित है।
गोरखपुर जिले की बांसगांव विधानसभा सीट आरक्षित है। साल 2017 में बांसगांव विधानसभा सुरक्षित सीट से बीजेपी से पहली बार डॉक्टर विमलेश पासवान चुनाव लड़े जिनको 71966 वोट मिले और उनके प्रतिद्वंदी बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रत्याशी धर्मेंद्र कुमार को 49093 वोट मिले। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी को 22873 वोट से हराकर जीत दर्ज की। आरक्षित श्रेणी की इस सीट से वर्तमान विधायक डॉक्टर विमलेश पासवान के पिता ओमप्रकाश पासवान ने पहले राजनीति की इसके बाद उनकी माताजी सुभावती पासवान ने सांसद का चुनाव जीता जबकि विधायक के बड़े भाई कमलेश पासवान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के टिकट पर तीसरी बार चुनाव जीते और सांसद बने। बीजेपी में इस सीट पर परिवारवाद की छाप दिखाई दे रही है। वर्तमान विधायक के अब बड़े भाई इसी क्षेत्र से सांसद हैं और इसी क्षेत्र से अब विमलेश पासवान विधायक बने तो स्वाभाविक सी बात है कि इस क्षेत्र के लोग परिवारवाद की बात जरूर करेंगे, बांसगांव क्षेत्र से दलितों के नेता महावीर प्रसाद जो केंद्र में मंत्री भी रहे और इस क्षेत्र से सांसद भी रहे उसके बाद पासवान परिवार का इस लोकसभा और विधानसभा दोनों पर कब्जा लगातार बना हुआ है। बीच में केवल तीन बार बसपा का कब्जा था उसके बाद बीजेपी ने इस सीट पर कब्जा कर लिया। ऐसे में कांग्रेस पार्टी के लिए इस सीट पर जमीन से जुड़े हुए प्रत्याशी को मैदान में उतारने पर कांटे की टक्कर हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषक कहते है कि गोरखपुर की सियासत मठ के इर्द गिर्द घूमती रही है। लेकिन 2018 के लोकसभा उपचुनाव में समीकरण बदल गए और उसका सूत्रधार निषाद समाज था। गोरखपुर शहर, गोरखपुर ग्रामीण, पिपराइच, कैंपियरगंज, चौरीचौरा, सहजनवां और बांसगांव विधानसभा क्षेत्र में ही पांच लाख से ज्यादा निषाद वोटर हैं। खजनी और चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में एक लाख से ज्यादा वोटर हैं। पूर्वांचल की लगभग 50 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर निषाद वोटर प्रभावी भूमिका निभाते हैं
बांसगांव (सुरक्षित) विधानसभा चुनाव परिणाम (2017)
| उम्मीदवार का नाम |
पार्टी |
स्थान |
कुल वोट |
वोट प्रतिशत % |
मार्जिन |
| विमलेश पासवान |
भाजपा |
विजेता |
71,966 |
40.25% |
22,873 |
| धर्मेन्द्र कुमार |
बसपा |
दूसरे स्थान पर |
49,093 |
27.45% |
|
| Sharada Devi |
सपा |
3rd |
44,051 |
24.63% |
|
| नंदलाल |
निशद |
4th |
7,892 |
4.41% |
|
| None Of The Above |
नोटा |
5th |
2,143 |
1.20% |
|
| रामधारी |
आईएनडी |
6th |
1,496 |
0.84% |
|
| पुष्पा देवी |
बीएमयूपी |
7th |
798 |
0.45% |
|
| राम सिंह |
जनदीप |
8th |
742 |
0.41% |
|
| सावित्री |
पड़ना |
9th |
637 |
0.36% |
बांसगांव (सुरक्षित) अब तक विधानसभा चुनाव परिणाम
|
|
| उम्मीदवार का नाम |
पार्टी |
स्थान |
कुल वोट |
वोट प्रतिशत % |
मार्जिन |
|
|
|
| विमलेश पासवान |
भाजपा |
विजेता |
71,966 |
40.25% |
22,873 |
| धर्मेन्द्र कुमार |
बसपा |
दूसरे स्थान पर |
49,093 |
27.45% |
|
|
|
|
| डॉ. विजय कुमार |
बसपा |
विजेता |
53,690 |
36% |
8,346 |
| शारदा देवी |
सपा |
दूसरे स्थान पर |
45,344 |
30% |
|
|
|
|
| सदल प्रसद |
बसपा |
विजेता |
41,586 |
35% |
2,284 |
| संत प्रसाद |
भाजपा |
दूसरे स्थान पर |
39,302 |
33% |
|
|
|
|
| सदल प्रसद |
बसपा |
विजेता |
59,525 |
47% |
21,739 |
| संत प्रसाद |
भाजपा |
दूसरे स्थान पर |
37,786 |
30% |
|
|
|
|
| संत |
भाजपा |
विजेता |
46,310 |
38% |
11,034 |
| सदल |
जेडी |
दूसरे स्थान पर |
35,276 |
29% |
|
|
|
|
| मोलई |
बसपा |
विजेता |
33,611 |
32% |
599 |
| मिठाईलाल शास्त्री |
भाजपा |
दूसरे स्थान पर |
33,012 |
32% |
|
|
|
|
| यदुनाथ |
भाजपा |
विजेता |
24,821 |
31% |
6,769 |
| मुखलाल |
बसपा |
दूसरे स्थान पर |
18,052 |
23% |
|
|
|
|
| मिठाई लाल शास्त्री |
भाजपा |
विजेता |
34,890 |
38% |
16,748 |
| रामप्रीत जख्मी |
बसपा |
दूसरे स्थान पर |
18,142 |
20% |
|
|
|
|
| कैलाश प्रसाद |
कांग्रेस |
विजेता |
28,800 |
54% |
20,575 |
| मिठाई लाल |
भाजपा |
दूसरे स्थान पर |
8,225 |
15% |
|
|
|
|
| कैलाश प्रसाद |
इंक (I) |
विजेता |
21,099 |
42% |
15,240 |
| फौजदार प्रसाद |
जेएनपी (जेपी) |
दूसरे स्थान पर |
5,859 |
12% |
|
|
|
|
| बाबू लाल |
जेएनपी |
विजेता |
28,653 |
56% |
7,475 |
| महाबीर प्रसाद |
कांग्रेस |
दूसरे स्थान पर |
21,178 |
41% |
|
गोरखपुर जनपद के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र – 9
320-कैम्पियरगंज विधानसभा,
321-पिपराइच विधानसभा,
322-गोरखपुर शहर विधानसभा,
323- गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा,
324-सहजनवा विधानसभा,
326- खजनी (एससी) विधानसभा,
325- चौरी-चौरा विधानसभा,
327- बांसगांव (एससी) विधानसभा,
328-चिल्लूपार विधानसभा,