फोकस भारत। राजस्थान की राजनीति में कांग्रेस के चाणक्य और जादूगर जैसे उपनामों से मशहूर है अशोक गहलोत। ऐसे में गहलोत की जादूगरी भाजपा के ‘शाह फॉर्मूला’ पर भारी पड़ सकती है। आपको बताते है वो ठोस तथ्य जो कांग्रेस की देरी से आ रही सूची की पोल खोलेगी।
राजनीतिक विशलेषको की नजर से-
– पिछले 4 दिनों से दिल्ली से खबरे छन-छन कर आ रही है कि नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी और पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट में मन मुटाव चल रहा है। लिस्ट को लेकर सहमति नही बन रही है , ‘डूडी ने लिस्ट को हवा में उछाल दिया’, ‘डूडी -पायलट में तीखी नोक झोक’, ‘पाटलट ने डूडी को कहा राजनीति छोड दूंगा तो डूडी ने कहा आज छोड दो’ ।। ये सब खबरे मीडिया मे प्रयोजित चलाई जा रही है, क्योंकि पायलट और डूडी राजनीति के कच्चे खिलाडी नही है जो जानते है की हम अंदर लिस्ट पर अंदर चर्चा कर रहे है और बाहर पूरी मीडिया हम पर नजरे लगाए हुए है।
– इससे पहले मीडिया में डूडी और पायलट की गहरी मित्रता दिखाई जाती रही है, कभी डूडी अपनी बाइक के पीछे पायलट को घुमाते है तो कभी पायलट के खास नजर आते है।
– एक दिन पहले बीजेपी सांसद को कांग्रेस ज्वॉइन कराते वक्त अशोक गहलोत की बॉडी लेंगवेज और उनके बार -बार मीडिया को ये कहना है कि ‘अब तो सब ठीक है’ कांग्रेस की रणनीति और प्रायोजित खबरों की पोल खोल रहा है।
– मीडिया को कांग्रेस चटपटी खबरे और मसाला दे रही है जिससे दिखाया जाये की डूडी और पायलट के सूची को लेकर असहमति की वजह से सूची में देरी हो रही है। जबकि कहानी कुछ ओर है।
– कांग्रेस की और खास कर अशोक गहलोत की रणनीति के तहत पहले से ही तय है कि कब कांग्रेस की सूची जारी करनी है। कांग्रेस एक तो बीजेपी की लिस्ट जारी होने का इंतजार कर रही है जिससे बीजेपी के बगावती दमदार चेहरो को कांग्रेस में शामिल किया जा सके । दूसरा 19 नवम्बर को आखिरी नामांकन की तारिखी है। ऐसे में कांग्रेस को पहले से निर्धारित है कि कब उम्मीदवारों की सूची जारी करनी है। इस बार हर सीट पर कांग्रेस के पास दावेदारों की बाढ़ है। कांग्रेस दावेदारों को टिकट नही मिलने से होने वाली बगावत, भितर घात से बचने और भाजपा में शामिल होने से रोकने के लिए नामांकन की आखिरी तारीख से पहली सूची जारी करेगी । जो पहले से ही तय है।
– अशोक गहलोत की राजनीति -रणनीति को करीब से समझने वाले इसे समझ सकते है।
– कांग्रेस की वरिष्ठ महिला नेत्री ने ‘ऑफ द रिकॉर्ड’ बताया कि कांग्रेस की सूची में देरी नहीं हो रही है बल्कि ये एक रणनीति का हिस्सा है।
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