Rajsamand News: राजसमंद से बीजेपी (BJP) सांसद दीया कुमारी(MP Diya Kumari) की मुश्किल बढ़ सकती हैं। दरअसल राजसमंद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने एक याचिका पेश हुई है, जिसमें दीया कुमारी पर झूठे शपथ पत्र पेश करने और तथ्यों को छुपाने का आरोप लगा है। इस मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पुलिस को 11 मार्च तक जांच कर अपनी रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
याचिकाकर्ता जितेंद्र कुमार खटीक(Jitendra Kumar Khatik) ने बताया कि चुनाव के समय दीया कुमारी की ओर से पेश निर्वाचन पत्र में कई तथ्य छुपाए गए हैं। सांसद पर आरोप लगाया कि जयपुर के पारिवारिक न्यायालय ने उन्हें बच्चों की कस्टडी सौंप रखी है, जिसको सांसद ने अपने निर्वाचन पत्र में छुपाया है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट और टिकट में नाम अलग-अलग है। नामांकन क्रम संख्या नॉमिनेशन में गलत है जबकि शपथ पत्र में भी वह अलग है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आधार उनका नामांकन निरस्त किया जाना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषक कहते है कि किसी भी जनप्रतिनिधि के खिलाफ सीआईडी सीबीआई जांच करती है, ऐसे में सीआईडी सीबी को 11 मार्च तक अपनी रिपोर्ट न्यायालय में पेश करनी है। अगर न्यायालय में इन आरोपों को सही पाया जाता है तो सुप्रीम कोर्ट के नियम अनुसार सांसद दीया कुमारी का निर्वाचन निरस्त भी हो सकता है।