Uttarakhand Election 2022 : राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत(Ashok gehlot) को उतराखंड का वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाए जाने की संभावना है। जहां वे संभवतया कांग्रेस के हितों को देखेंगे। जिसका अर्थ होगा कांग्रेस को चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त मात्रा में फण्डस उपलब्ध करवाना।
- जैसा कि विदित है कि अशोक गहलोत को केरल चुनाव के दौरान केरल का वरिष्ठ प्रभारी नियुक्त किया गया था। लेकिन वहां कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि पुरानी परम्परा के अनुसार केरल में कांग्रेस की सरकार बनाने की बारी थी। क्योंकि एक बार कांग्रेस और दूसरी बार मार्क्सवादी पार्टी की सरकार बनाने का क्रम रहा है केरल में।
- हालांकि हरिश रावत(Harish Rawat) ने बगावत के तेवर दिखाये थे उतराखंड में। लेकिन दिल्ली बुलाकर लम्बी बैठक के बाद हरिश रावत वापस देहरादून भेज दिया गया। इस आश्वासन के साथ कि पहले उत्तराखंड में पार्टी को जितवायें। उसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की प्रकिया शुरु की जायेगी।
- राजनीतिक विश्लेषक कहते है कि अब कांग्रेस में यह सवाल चर्चा में है कि राहुल गांधी(Rahul Gandhi) की प्राथमिकता क्या है-वरिष्ठ कांग्रेस नेता रहित कांग्रेस बनायें या प्रदेश में पार्टी की सरकार बने ?
- क्या राहुल उत्तराखंड में पंजाब का उदाहरण दोहराना चाहते है , क्योंकि वे उत्तराखंड में भी वो ही अस्थिरता पैदा कर रहे है जो पंजाब में पैदा की थी। वैसे भी पंजाब की भांति उत्तराखंड में भी कांग्रेस का पलड़ा भारी है।
- क्या राहुल गांधी के एजेंडा में राज्य विधानसभा चुनाव जीतने की अपेशा पार्टी के सीनियर नेताओं से छुटकारा पाना अधिक महत्वपूर्ण है?
- राजनीतिक विश्लेषक कहते है कि अगर राहुल गांधी की राजनीतिक शैली का विश्लेषण किया जाए तो मालुम चलेगा कि उनके लिए प्राथमिकता एक नई कांग्रेस का गठन करना है जिसमें पुराने और सीनियर नेता ना हो।