भारतीय जनता पार्टी के चाणक्य और देश के गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने राजस्थान भाजपा को एक बार फिर 2023 के विधानसभा चुनाव के लिए अभी से कमर कसने के निर्देश दे दिए हैं। JECC में जनप्रतिनिधि सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि, ‘2023 के चुनाव में इस निकम्मी और भ्रष्टाचारी अशोक गहलोत की सरकार (Ashok Gehlot Government) को मूल समेत उखाड़कर फेंक देना है’। अमित शाह ने न केवल गहलोत सरकार को जमकर घेरा बल्कि कांग्रेस और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर भी जमकर तंज कसे। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री शाह अपने भाषण में कई सियासी संकेत भी दे गए।सबसे बड़ी बात यह रही कि अमित शाह ने अपने संबोधन के दौरान न केवल पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Vasundhra Raje) का दो बार नाम ही लिया बल्कि मैडम राजे की जमकर तारीफ भी की। राजनीतिक विश्लेषक कहते है कि अमित शाह के इन संकेतों से बहुत कुश तस्वीर साफ हो जानी चाहिए।
अपने सम्बोधन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की तारीफ करते हुए अमित शाह ने कहा कि, ‘राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री, यशस्वी मुख्यमंत्री श्रीमति वसुंधराजी सरकार की कई कल्याणकारी योजनाओं को तोड़-मरोड़ दिया है। अमित शाह ने कहा- वसुंधराजी के नेतृत्व में जो राजस्थान विकास के रास्ते पर चल पड़ा था, उसका गहलोत सरकार ने बंटाधार करने का काम किया है।आज राजस्थान में हर व्यक्ति के ऊपर 65हजार रुपए का कर्ज है’, भरे मंच से अमित शाह द्वारा मैडम राजे की तारीफ सुनकर हॉल में बैठे वसुंधरा राजे समर्थकों के हौसले बुलन्द हो गए।
दरअसल अमित शाह ने वसुंधरा राजे के कार्यकाल की जमकर तारीफ की, इससे पहले वसुंधरा राजे ने अपने भाषण में केंद्र सरकार के साथ पीएम मोदी और अमित शाह की भी खूब तारीफ की थी। राजे ने अपने भाषण में पिछले सात साल में मोदी राज के बड़े फैसलों को गिनाते हुए जमकर तारीफ की। जनप्रतिनिधि सम्मेलन में वसुंधरा राजे का भाषण करवाने और फिर अमित शाह के उनकी सरकार के वक्त हुए कामों की तारीफ करने के सियासी मायने हैं। इसे वसुंधरा राजे विरोधियों को मैसेज के तौर पर देखा जा रहा है।