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Video: इस मच्छर के काटने से फैलता है ‘जीका वायरस’, बचाव के लिए कारगर उपाय

फोकस भारत। डॉ. भगवती चूंडावत से जानिए क्या होता है जीका वायरस और बचने के लिए क्या करें उपाय।

1. जीका वायरस की खोज सबसे पहले सन् 1947 में युगांडा में की गई थी।

2. वर्ष 2014 तक यह वायरस ब्राजील सहित 20 से भी अधिक देशों में फैल गया। इसके प्रसार का प्रमुख कारण नवजात शिशुओं में इसका संक्रमण होना और एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाना रहा।

3. इस वायरस का प्रमुख कारण एडीज नामक मच्छर है, जो अधिकतर दिन के समय में काटता है।

4. यही (एडीज नामक) मच्छर, डेंगू और पीले बुखार होने का भी कारण है।

5. जीका वायरस से संक्रमण के प्रमुख लक्षण बुखार, खुजली (चकते आदि होना), नेत्र-शोध (आंखों में संक्रमण), शरीर दुखना, मांसपेशियों में दर्द होना आदि हैं।

6. किसी गर्भवती महिला के जीका वायरस संक्रमित होने पर पैदा होने वाला बच्चा भी इस संक्रमण से ग्रस्त होता है, जिसका सिर व मस्तिष्क अपेक्षाकृत छोटा होता है। साथ ही वह न्यूरो समस्याओं से ग्रस्त भी हो सकता है।

7. अभी तक इस वायरस का कोई भी टीका (वैक्सीन) उपलब्ध नहीं हो सका है।

8. लक्षणों के आधार पर ही मरीजों को उपचार प्रदान किया जाता है।

9. इस संक्रमण से बचाव सबसे महत्वपूर्ण है। इसके लिए पूरी बांह के कपड़ों का उपयोग करें, शरीर को ढंककर रखें, शरीर पर कृमि-रोधक क्रीम आदि का उपयोग करें, घरों के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें, संक्रमित क्षेत्र में न जाएं, जिन क्षेत्रों में संक्रमण का प्रसार हुआ हो, वहां गर्भधारण के लिए कम से कम 3 से 4 वर्ष तक का इंतजार करें, अन्यथा इसका प्रसार नवजात के साथ ही अगली पीढ़ियों में भी होता जाएगा।