राजस्थान बजट-2018: चाइल्ड केयर लीव की घोषणा, RAJMAKES की मेहनत लाई रंग

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फोकस भारत। राजस्थान में राज्य सेवाओं के महिला अधिकारियों और कर्मचारियों की मजबूत आवाज है राजस्थान महिला अधिकारी एवं कर्मचारी एकीकृत महासंघ(RAJMAKES) । जिनकी 4 साल की मेहनत आज रंग लाई है। RAJMAKES लम्बे समय सूबे में चाइल्ड केयर लीव के लिए संघर्ष कर रहा था। और सोमवार को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बजट-2018 में इसकी घोषणा की है। बजट में महिलाओं के लिए सीएम राजे ने चाइल्ड केयर लीव का तोहफा दिया है।

चाइल्ड केयर लीव की घोषणा-
-चाइल्ड केयर लीव की घोषणा। महिला कर्मचारियों को 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के देखभाल लिए 2 वर्ष की मिलेगी छुट्टी।

RAJMAKES का प्रयास सफल
RAJMAKES की महासचिव विजेता सिंह चारण ने फोकस भारत से बातचीत में बताया कि चाइल्ड केयर लीव के लिए माननीय मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जी का तहदिल से शुक्रगुजार है। पिछले 4 सालों से हम सीसीएल की मांग के लिए संघर्ष कर रहे थे। लेकिन 2018 के बजट में इसकी घोषणा करके सीएम राजे जी ने प्रदेश की तमाम कामकाजी महिलाओं को तोहफा दिया है उसके लिए हम आभारी है। साथ ही महिला एंव बाल विकास मंत्री अनिता भदेल जी और राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा जी ने हमें मुख्यमंत्री तक हमारी मांग पहुंचाने में पूरा सहयोग दिया। दरअसल राजस्थान महिला अधिकारी एवं कर्मचारी एकीकृत महासंघ(RAJMAKES) की नींव विजेता चारण ने रखी है। जिनकी सोच का नतीजा है कि आज अधिकारी औऱ कर्मचारी एक प्लेटफॉर्म पर एक दूसरे के साथ खड़े है। विजेता ने बताया कि ये जीत महिलाओं की यूनिटी की है। प्रदेश की महिला अधिकारी और कर्मचारी की जीत है।

बच्चों की परवरिश में सीसीएल से मिलेगा सहयोग
जज रेखा राठौड़ ने बताया कि राजस्थान में सीसीएल लागू होने से सूबे की महिलाओं को निश्चिततौर पर फायदा मिलेगा। महिलाएं अपने काम के साथ बच्चों की देखभाल भी अच्छे से कर पाएंगी। महिलाओं की जिम्मेदारी तो है बच्चे लेकिन नौकरी के साथ अपने बच्चों की परवरिश औऱ देखभाल के लिए सीसीएल मददगार साबित होगी। सीसीएल से महिलाएं मानसिक रुप से मजबूत होगी और काम पर भी ज्यादा फोकस कर पाएगी।

रेखा राठौड़, जिला एवं सेशन न्यायाधीश एमएसीटी कोर्ट प्रतापगढ़

महिलाओं को मिलेगा फायदा
माननीय मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जी का धन्यवाद करते है कि उन्होंने प्रदेश की महिलाओं की बेहतरी के लिए सीसीएल की घोषणा की है। हमें इसका लम्बे समय से इंतजार था लेकिन आज बेहद खुशी है। निश्चित तौर पर महिलाओं को इसका फायदा मिलेगा। कमल शेखावत ने बताया कि राजस्थान स्टेट सर्विस विमन ऑफिसर्स एसोसिएशन की नींव साल 2015 में रखी गई थी। ये एसोसिएशन राजस्थान में महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रहा है। हम लम्बे समय से चाइल्ड केयर लिव की मांग कर रहे थे जिसके लिए सीएम राजे जी के आभारी है । हमारे एसोसिएशन का मकसद विमन एम्पावर बाय विमन फॉर विमन है।
कमल शेखावत,अध्यक्ष, राजस्थान स्टेट सर्विस विमन ऑफिसर्स एसोसिएशन

क्या है सीसीएल –
केन्द्र सरकार ने 2008 में अधिसूचना जारी कर 6वें वेतन आयोग में महिलाओं को मेटरनिटी-लीव 6 माह के अतिरिक्त दो वर्ष की चाइल्ड केयर लीव की सुविधा दी थी। महिलाओं को अपने बच्चों के लालन-पालन और शिक्षा के लिए महिला अधिकारी-कर्मचारी। दो बच्चों में से छोटे बच्चे के 18 वर्ष तक होने से पूर्व महिला कर्मचारी 730 दिनों तक अवकाश ले सकती है कोई भी सरकारी महिला कर्मचारी शून्य से 18 साल के दो बच्चे होने पर 730 दिन की चाइल्ड केयर लीव ले सकती है। नाबालिग बच्चे की देखरेख के लिए ही मिलेगी छुट्टी। चाइल्ड केयर लीव यानी 730 दिन का अवकाश जो महिला बच्चो के 18 साल तक हो जान तक अपने सर्विस कार्यकाल में कभी भी ले सकती है

इन राज्यों में है लागू

– साल 2015 से असम, मध्यप्रदेश, मिजोरम और जम्मूकश्मीर राज्य भी सीसीएल को लागू करने घोषणा कर चुके हैं।

-पंजाब,हरियाणा,पश्चिम बंगाल कर्नाटक, आंधप्रदेश, उड़ीसा, महाराष्ट्र और उतराखंड राज्यों में सीसीएल पहले से लागू है।

-पश्चिम बंगाल में चाइल्ड केयर लीव 2012 से लागू है और 2015 में सरकार ने इसे स्कूल, कॉलेज शिक्षको के लिए भी लागू कर दिया है।

-6वें वेतन आयोग की सिफारिश पर केन्द्र सरकार की महिला अधिकारी औऱ कर्मचारियों को इसका लाभ दिया जा रहा है ।