मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव: कांग्रेस के ये 4 मजबूत दावेदार

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फोकस भारत। राजस्थान में आगामी भीलवाड़ा जिले की मांडलगढ़ विधानसा सीट पर उपचुनाव होने है। ये सीट बीजेपी विधायक कीर्ति कुमारी के निधन के बाद से खाली है। इस सीट पर कांग्रेस में 4 लोगों की मजबूत दावेदारी नजर आ रही है। आईए आपको बताते है कांग्रेस के 4 मजबूत दावेदारों का गणित।

वंदना माथुर-

सूत्रो के मुताबिक राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर की बेटी वंदना माथुर ने मांडलगढ विधानसभा उपचुनाव के लिए दावेदारी जताई है। वर्तमान में वंदना माथुर राजस्थान प्रदेस कांग्रेस कमेटी की सचिव है और हालांकि जातिगत समीकरण के हिसाब से वंदना माथुर के पक्ष में वोट बैंक बिल्कुल भी साथ नहीं है, लेकिन शिवचरण माथुर की बेटी होने के चलते जातिगत फैक्टर की उन्हें कतई जरुरत नहीं है| क्योंकि शिवचरण माथुर भी जातिगत वोट बैंक नहीं होने के बावजूद कई बार जीत दर्ज करा चुके है। साफ छवि और माथुर के कराए गए विकास कार्यों की बदौलत वंदना माथुर चुनाव जीतने वाली प्रत्याशियों में सबसे मजबूत नेता हो सकती है| मसलन कांग्रेस पार्टी में हलचल तेज हो गई है क्योंकि आलाकमान के सामने ये मुश्किल रहेगी कि वंदना माथुर के द्वारा दावा ठोकने के बाद उन्हें नजरअंदाज करके किसी ओऱ को टिकट कैसे दिया जाए। वहीं ये दूसरी ओर अगर वंदना माथुर का समर्थन पूर्व विधायक भंवर जोशी करते हैं तो फिर निर्णायक ब्राह्मण वोट वंदना के पक्ष में मिलते हैं तो कांग्रेस सीट आसानी से निकाल सकती है।

विवेक धाकड़- विवेक धाकड़ को पिछली बार टिकट मिला था, लेकिन मोदी लहर में वो 18 हजार वोटों से कीर्ति कुमारी से चुनाव हार गए| सीट पर करीब 25 से 30 हजार धाकड़ वोट है जिसके चलते उन्हें टिकट दिया गया था|दरअसल विवेद धाकड़ कद्दावर नेता सीपी जोशी के बेहद करीबी माने जाते है।

गोपाल मालवीय- गोपाल मालवीय पूर्व प्रधान रह चुके हैं| मालवीय भी टिकट के लिए पूरा जोर लगा रहे है|

प्रदीप कुमार सिंह सिंगोली- प्रदीप कुमार सिंह भी मजबूती से दावेदारी जता रहे है। प्रदीप कु्मार पहले विधायक रह चुके हैं| पूर्व विधायक के नाते उन्हें भी टिकट मिलने की अटकले है।

जातिगत समीकरण-
सीट के जातिगत समीकरणों की बात करें तो करीब ढाई लाख मतदाता है। जिसमें ब्राह्म्ण जाति के सबसे ज्यादा मतदाता है| यहां पर करीब 35 हजार ब्राह्म्ण वोटर्स बताए जा रहे हैं| उसके बाद धाकड़ समाज के करीब 25 से 30 हजार वोट बताए जा रहे हैं| मुस्लिम वोटर्स भी करीब 20 हजार है| इसके अलावा गुर्जर करीब 13 हजार, SC के 27 हजार, राजपूत करीब 10 हजार, मीणा 8 हजार, वैश्य 8 हजार और बाकी बचे अन्य जातियों के मतदाता है|

इन दिग्गजों का रहेगा टिकट दिलवाने में अहम रोल
कांग्रेस में टीकट चयन से लेकर चुनाव लड़ने की रणनीति में सीपी जोशी, पूर्व मंत्री रामलाल जाट औऱ विधायक धीरज गुर्जर का भी अहम रोल होगा| वहीं कांग्रेस गुटबाजी की शिकार हो गई तो मुश्किले बढ जाएगी|