फोकस भारत। बिहार राज्य की राजधानी पटना में 29 जुलाई शनिवार को हैरतअंगेज घटना ने किन्नर समुदाय के साथ पूरे समाज को एक बार फिर से सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। थर्ड जेंडर-किन्नर-हिजडा यानि ट्रांसजेंडर नाम अनेक पहचान एक। किन्नर समाज हमेशा से ही दूसरों की खुशियो में शरीक होता है ।अपनी मायूसियों महरुमियों के बीच आपके और हमारे अपनों को दुआं देकर आगे बढ़ जाते है। इनकी हंसी ठिठोली के पीछे दर्द , खालीपन और अकेलेपन को शायद ही कोई समझ पाया है। अत्यंत दुखदायी घटना का जिक्र और विस्तार से हर पहलु रखने से पहले ये बताना जरुरी था। ताकि मीडिया किन्नर समाज की रिपोर्टिंग का सटीक पक्ष रखा जाए। ये महज आपके और मेरे मनोरंजन का विषय नही है जिसे चटकारे लेकर बनाया जाए और पढ़ा जाए। खैर ये मोहब्बत -भरोसे और धोखे की ये दर्दनाक कहानी शुरु होती है पटना के आलमगंज थाना क्षेत्र के गायघाट से। काजल दीदी के साथ जो कुछ भी हुआ वो पूरे किन्नर समाज को एक बार फिर से सावधान कर गई है। जिससे वो इस धोखे को भांप सके । फिर कोई काजल दीदी की निर्मम हत्या ना हो।
काजल दीदी ट्रांसजेंडर है और वो अपनी जीविका बधाई मांग कर चलाती है। लेकिन उनके पास भी आपके और हमारी तरह एक दिल धडकता है। उन्हें एक शख्स (पुरुष) से प्यार हो जाता है। यहां मैं बताना चाहूंगी कि देश में 99 प्रतिशत किन्नरों से पुरुष प्रेम करना का दम तो भरते है औऱ उनके साथ लिवइन रिलेशनशीप में भी रहते है लेकिन उनसे शादी करने या रिश्ते तो नाम देने की हिमाकत कोई नहीं करता है। (ओड़िशा राज्य की मेघना दीदी जैसी किस्मत सभी की नहीं होती )
ट्रांसजेंडर सोशल एक्टीविस्ट रेशमा प्रसाद ने बताया कि काजल पिछले 5 सालों से सर्वेश सुमन नामक पुरुष से प्रेम संबंध में थी। सर्वेश काजल से प्रेम करना का दम तो भरता था लेकिन सच ये है कि वो उसे सिर्फ बेवकूफ बना रहा था। उसकी नजर सिर्फ काजल के पैसों पर थी। काजल ने अपनी प्रोपर्टी उसके नाम कर दी। उसपर अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया लेकिन काजल को जब एक दिन पता चला कि वो किसी दूसरी लड़की के साथ रिलेशनशिप में है तो मानो जमीन पैरो से खिसक गई। लेकिन फिर भी वो काजल को मनाता रहा क्योंकि सिर्फ उसे पैसो से मतलब था उसे कौनसी काजल से शादी करनी थी। काजल ने इस दमियान एक बेटी गोद ली। और अब काजल की पूरी दुनिया उसकी बेटी थी। काजल अपने सारे पैसे औऱ प्रोपर्टी बेटी के नाम करना चाहती थी बस यहीं से सर्वेश के मन में लालच और अपराध का बीज पनपा और निर्मम तरीके से काजल का सर्जिकल ब्लेड से गला रेंत दिया। उसके चेहरे पर कई बार ब्लैड से खरोचा गया है। ये सब आपको बताते हुए मेरे रौंगटे खड़े हो रहे है। ये हमारे समाज के लिए असहनीय और अविस्मरणीय घटना है।
हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को अपने कब्जे में ले लिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज भेज दिया। फिलहाल मामले ने तूल पकड़ा तो आरोपी सर्नेश ने वारदात को अंजाम देने के बाद खुद ही पुलिस थाने में आत्म समर्पण कर दिया। जहां से कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है। लेकिन सर्वेश दलील देता रहा कि काजल उससे पैसे हडपना चाहती थी। उस पर लगातार पैसे के लिए काजल दबाव बना रही थी जिसकी वजह से उसने हत्या कर दी। दरअसल काजल गुड़ की मंडी में किराये के मकान में रहती था। वहीं सर्वेश काजीबाग का रहने वाला है। गायघाट में उसकी अंग्रेजी दवा की दुकान है।
रेशमा प्रसाद कहती है कि कितनी लड़ाई लड़नी पड़ी तो FIR लिखा गया कितनी मुश्किल की जिंदगी है ट्रांसजेंडर समुदाय की प्यार करो तो जान जाती है माननीय विधानसभा अध्यक्ष के फोन करने के बाद भी पुलिस का रवैया ऐसा था सोचने लायक है कितनी लड़ाई लड़नी पड़ी तो उस मुजरिम के ऊपर FIR दर्ज हुआ इसके अलावा न्यूज़ में इतनी गलत खबरें आई जिसका कोई कहना ही नहीं लगता है कि हमें प्यार करना ही अपराध है तो हमें जीना ही अपराध है
किन्नर समुदाय की स्थिति वाक्य ही हैरान और परेशान कर देने वाली है। काजल ने जो बेटी गोद ली थी । उसे तो इल्म भी नहीं की उसकी मां जो उसके भविष्य को संजोने के लिए संघर्ष कर रही थी वो अब इस दुनिया में नही रही। हालांकि अब किन्नर समुदाय में ही उसकी मौसी उसे मां और मौसी दोनों का प्यार देंगी। लेकिन किन्नर समुदाय को अपने अधिकारों को प्रति जागरुक होना होगा। भावुकता से आगे निकलना होगा। उनके इसी इमोशनल पहलुओं का पुरुष जो उनके प्रेमी होना का दावा करते है वो फायदा उठाते है। और अपना मतलब साधते ही उन्हें दूध में मक्खी की तरह बाहर कर देते है। किन्नर समुदाय के प्रेम ,अपनापन औऱ सम्मान की तलाश हमें सोचने पर जरुर मजबूर करती है। जिनको परिवार से लेकर समाज तक सिर्फ तिरस्कार की नजर से देखा जाता हो उन्हें दो पल सुकून और प्रेम के मिलेंगे तो आखिर कौन अंधा विश्वास नहीं करेगा ?
रिपोर्ट- कविता नरुका