बेहोश महिला को बचाने के लिए फरिश्ते बनकर आए बाड़मेर पुलिस के यह दो जवान

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फोकस भारत। अपराधियो को सलाखों के पीछे पहुंचाने वाले पुलिस विभाग में भी ऐसे कई जाबांज है जो मानवता की मिसाल पेश कर रहे है। ऐसा ही देखने को मिला बाड़मेर के राजकीय अस्पताल में जंहा बाड़मेर पुलिस के दो जवान एक महिला की जान बचाने के लिए इस कदर आगे की आए की उन दोनों ने अपना ही खून देकर महिला की जान बचाई।

दरअसल बाड़मेर जिले के नागड़दा गांव निवासी एक महिला ने भाडखा गांव स्थित अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया उसके बाद महिला की तबियत ज्यादा बिगड़ गई और वंहा पर डॉक्टरों ने खून की कमी बताते हुए महिला को जिला मुख्यालय स्थित राजकीय अस्पताल में रैफर कर दिया। महिला की बिगड़ी तबियत को देखते हुए परिजनों ने रक्त को लेकर काफी प्रयास किए लेकिन सफल नही हो पाए। जब खून की कमी को लेकर महिला के बेहोश होने की सुचना इन दो पुलिस कर्मियों दिलीप और नरपत सेजू को मिली तो यह अस्पताल पहुंचे और महिला को रक्त देकर नया जीवनदान दिया। बाड़मेर पुलिस के इन दो जवानों के इस नेक कार्य की हर कोई प्रशंसा करता हुआ नजर आ रहा है। गौरतलब है कि बाड़मेर पुलिस के यह दो पुलिस कर्मी दिलीप कुमार और नरपत कुमार दोनों सगे भाई है और दिलीप कुमार वर्तमान में बाड़मेर सीओ ओपी उज्ज्वल की गाड़ी का ड्राइवर है तो वही नरपत कुमार बाड़मेर एसपी ऑफिस में कार्यरत है।

रिपोर्ट-पप्पू कुमार बृजवाल

1 Comment

  1. मानवता की जीती जागती मिसाल है ये दोनों व्यक्ति इनकी हौसला अफजाई होनी चाहिए जिला लेवल पर सम्मानित होने चाहिए जिससे आमजन में मानवता की सेवा के प्रति एक अच्छा मेंसेज जाये।

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