फोकस भारत। राजस्थान विधानसभा में स्वाइन फ्लू का खौफ मंडराने लगा है। जिसकी वजह है जालोर विधायक अमृता मेघवाल के साथ मंगलवार को विधानसभा में पहुंचे स्वाइन फ्लू के वायरस की। बुधवार को विधानसभा की डिस्पेंसरी में 16 विधायकों के सैंपल लिए गए। ये सभी विधायक वे थे, जो मंगलवार को विधायक अमृता मेघवाल के संपर्क में आए, बातचीत की या आसपास बैठे हुए थे। मेघवाल की बेटी और उनके साथ रहने वाली एक महिला के भी सैंपल लिए गए। सभी सैंपल एसएमएस मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं। दरअसल बुखार से पीड़ित विधायक अमृता मेघवाल ने स्वाइन फ्लू की जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट यूं तो 19 फरवरी की रात को आ गई थी, लेकिन चिकित्सा विभाग की लापरवाही के कारण 20 फरवरी को सुबह 10 बजे जब उनके पास सूचना पहुंची तो वे विधानसभा में कुछ समय गुजार चुकी थी। सूचना मिलने के तुरंत बाद वे सदन से चली गईं।
स्वाइल फ्लू से गई थी विधायक की जान
स्वाइन फ्लू ने 27 अगस्त को विधायक कीर्ति कुमारी की जान ली। 27 अक्टूबर को स्वाइन फ्लू की वजह से मल्टी आर्गन फेलियर से पूर्व चिकित्सा मंत्री दिगंबर सिंह की मौत हुई। विधायक नरपत सिंह राजवी, सीएस एनसी गोयल, पूर्व सीएस अशोक जैन भी चपेट में आए। वहीं स्वाइन फ्लू के मामले में राजस्थान पूरे देश में पहले पायदान पर है। जनवरी के पहले दिन से ही प्रदेश को नंबर 1 का यह अनचाहा तमगा मिल गया, जो अब तक भी पीछा नहीं छोड़ रहा। पिछले डेढ़ माह में प्रदेशभर में 88 लोगों की जान जा चुकी हैं, 980 से ज्यादा मरीज सामने आ चुके हैं। चिकित्सा विभाग लाचार नजर आ रहा है।
विधानसभा की डिस्पेंसरी में इन विधायकों के सैंपल लिए
प्रेमचंद बैरवा, भंवर सिंह भाटी, अनीता कटारा, दलीचंद डांगी, प्रताप लाल , श्रीराम भींचर, अर्जुनलाल, केसाराम चौधरी, मदन राठौड़, राजकुमारी, जयराम जाटव, देवेंद्र कटारा, शोभारानी कुशवाह, झाबर सिंह खर्रा सहित अन्य विधायकों के स्वाइन फ्लू जांच के लिए सैंपल