दिल में बस गयी ये सुमधुर शाम, कविताओं ने की धड़कनों से बात

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फोकस भारत/जयपुर। नवांकुर कवियों को प्रोत्साहित करने में अग्रणी संस्था *सुमधुर* का आर्मी एरिया विजय द्वार पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम काव्य महफिल 22 अक्टूबर रविवार को शाम चार बजे रखा गया। कार्यक्रम के शुभारंभ में आयोजक प्रवीण नाहटा ने कर्नल अमरदीप को कलम देकर स्वागत किया। इसके बाद डॉ. भव्य सोनी ने कर्नल अमरदीप का शॉल ओढाकर व मनु चाँडक ने पुष्पगुच्छ देकर अभिनंदन किया।

आयोजक प्रवीण नाहटा ने बताया कि कवियों के काव्यपाठ पर लोगों की जमकर दाद मिली। तकरीबन 40 से अधिक आगंतुकों ने इस काव्य महफिल में शिरकत की तथा तक़रीबन 25 कवियों ने काव्यपाठ किया। कवि कर्नल अमरदीप ने क्या तुम मेरी कविता पढ़ोगी व माँ और सीढ़ी नामक कविता इसके बाद माला रोहित कृष्ण नँदन ने प्रेम गीत
शब्दों में नहीं कह पाऊंगी
जो दिल में बसा है प्यार तेरा….
कवि रोहित कृष्ण नन्दन ने
प्रेम गीत
बारिशों से बढ़ी बेकरारी
खोल दूँ आ ये जुल्फें तुम्हारी
….
कवि सोनू श्रीवास्तव ने
वो दिन भी याद है मुझको जो उसका साथ होता था,
वो मेरे पास होती थी मैं उसके पास होता था,
करोड़ो भीड़ में भी वो मुझे पहचान लेती थी,
वो मेरी खास होती थी मैं उसका खास होता था,

कवि सूर्यप्रकाश उपाध्याय ने
रातों की नींद उड़ती है,दिन का चैन नहीं बचता
इसीलिए ये इश्क मोहब्बत का खेल नहीं जँचता
अकेले हैं हम तो हँसी ना उड़ाओ मोहतरमा
गाँव का देसी घी है ये सबको नहीं पचता।।

कवि अरविन्द कुमावत ने
जिस जिसका आसमां उजड़ जाए
आए और ज़मीन से जुड़ जाए
हम सिक्के उछालें और इस तबीयत से
कि तारे एक एक कर झड़ जाएं

इसके बाद कवि के.के.सैनी ने
मोहल्ले वाले भी अब बतियाने लगे है
इश्क अपने भी अब फुसफुसाने लगे है
घरवालों को भला अब कौन समझाये
वो भी कुण्डलियाँ अब मिलाने लगे है

इसके बाद विशाल गुप्ता ने
चलो किसी झूले सी टांग दें
कहानी कोई अनकही ।
रात की टहनी पर जरा,
जहाँ यादें करें गलबहियां
और डॉ. भव्य सोनी, झूलें रातभर, फिट शक्ति बारेठ ने पुनर्जन्म कविता , मनु चाँडक, अजीत शाह, शहरयार बेग, शिवम तिवारी, डॉ.निकिता त्रिवेदी,शिवानी जयपुर,नित्या,विशाल गुप्ता,नेहा सहित तक़रीबन 25 कवियों ने अपनी मनभावन काव्य प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रथम सत्र में प्रवीण नाहटा तथा दूसरे सत्र में सूर्यप्रकाश उपाध्याय ने किया।

कार्यक्रम में स्थानीय व अन्य शहरों से आये कवियों के अलावा श्रोताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करायी। इसके लिए किसी प्रकार का कोई भी *रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं* रखा गया था। इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य नवांकुर कवियों की प्रतिभा को एक मंच देना है। आने वाले समय में सुमधुर संस्था के कई कार्यक्रम प्रस्तावित हैं जिनकी जानकारी समय समय पर अवगत करा दी जायेगी।
Rohit k nandan

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