फोकस भारत। भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है। दरअसल अहमदाबाद में चार्टर्ड अकाउंटेंटे के एक कार्यक्रम में स्वामी ने कहा कि सरकार ने नोटबंदी का अर्थव्यवस्था और जीडीपी पर विपरीत असर नहीं दिखाने के लिए केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (CSO) के अधिकारियों पर बेहतर आर्थिक आंकड़े देने का दबाव बनाया था। स्वामी ने इन आंकड़ों को फर्जी बताया है। स्वामी ने कहा कि जीडीपी के तिमाही आंकड़ों पर न जाएं। वे सब फर्जी हैं। यह बात मैं आपको कह रहा हूं, क्योंकि मेरे पिता ने सीएसओ की स्थाेपना की थी। हाल ही में मैं केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा (सांख्यिकी मंत्री) के साथ वहां गया था। उन्होंलने सीएसओ अधिकारियों को आदेश दिया, क्यों कि नोटबंदी पर आंकड़े देने का दबाव था।
इसलिए वह जीडीपी के ऐसे आंकड़े जारी कर रहे हैं, जिससे यह पता चल सके कि नोटबंदी का कोई असर नहीं पड़ा। हालांकि स्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साढ़े तीन साल के कार्यकाल में विकास दर 7.6 प्रतिशत रहा है, जो कि यूपीए-2 कार्यकाल के 7.1 फीसदी से बेहतर है।
स्वामी इतने पर ही नहीं रुके। उन्होंने मूडीज और फिच जैसी रेटिंग एजेंसियों पर भी सवाल उठाए। स्वामी ने साफ शब्दों में कहा कि आप पैसे देकर ऐसी एजेंसियों से मनपसंद आंकड़े हासिल कर सकते हैं। हाल ही में क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की रैंकिंग में सुधार किया था। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भारत की रैंकिंग में सुधार को मोदी सरकार के सुधारों का नतीजा बताया था।
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