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प्रमुख सचिव तन्मय पर भ्रष्टाचार समेत कई गंभीर आरोप,सीएमओ मौन क्यों?

फोकस भारत/जयपुर। राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में एक पत्र ने हंगामा खड़ा कर दिया है। जिसमें सूबे के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और 1993 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस तन्मय कुमार को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दरअसल सीएम वसुंधरा राजे के विश्वस्त प्रशासनिक अधिकारी और प्रमुख सचिव तन्मय कुमार पर पद के दुरूपयोग,भ्रष्टाचार और व्याभिचार जैसे संगीन आरोप लगाते हुए राजधानी से सटे चिताणु के ग्रामीणों ने पत्र राजस्थान कैडर के चर्चित और दबंग माने जाने वाले आईपीएस अधिकारी पंकज चौधरी को भेजा था जिसके बाद पंकज चौधऱी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे प्रमुख शासन सचिव समेत खुद सीएम को भेज दिया। इसके बाद अब आईएएस अधिकारी तन्मय कुमार को लेकर विवाद गहरा गया है। खुद सीएम के सामने भी चुनौती है कि अपने ही विश्वसनीय आईएएस अधिकारी और सीएम के प्रमुख सचिव के खिलाफ के निष्पक्ष जांच हो पाएगी। इसके लेकर सूबे के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है।

जानकारी के मुताबिक जयपुर के पास आमेर तहसील के चिताणु गांव के लोगों की ओर से आईएएस तन्मय कुमार पर आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने आईपीएस अधिकारी पंकज चौधरी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईपीएस पंकज चौधरी ने राज्य के मुख्य सचिव अशोक जैन व प्रदेश के पुलिस महानिदेशक मनोज भट्ट को ये पत्र संलग्न कर उचित कार्रवाई के लिए लिखा है। साथ ही क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो द्धितीय में पुलिस अधीक्षक पंकज चौधरी ने मुख्य सचिव व डीजीपी से उच्च स्तरीय मामला होने के कारण आईएएस तन्मय कुमार पर लगे इन आरोपों की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है।

चर्चित आईपीएस अधिकारी पंकज चौधरी

चौधरी ने सीएस—डीजीपी को भेजे गए अपने पत्र में लिखा है कि पिछले दिनों उनको एक पत्र चिताणु ग्रामवासियों की ओर से प्राप्त हुआ है। जिसमें तन्मय कुमार पर कई आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने आगे लिखा है कि यह नितांत जांच का विषय है, जिसमें एक वरिष्ठ आईएएस के उपर वे तमाम आरोप लगाए गए हैं, जो नैतिक मूल्यों के साथ पद के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता आदि को स्पष्ट रेखांकित कर रहे हैं।

आईपीएस चौधरी ने 3 जुलाई 2017 को भेजे गए अपने कवरिंग लेटर के ग्रामीणों की ओर से जो कागजात नत्थी किए हैं उसमें आईएएस तन्मय कुमार पर शादीशुदा होते हुए एक अविवाहित महिला के साथ नाजायज संबंध होने के संगीन आरोप लगाए गए हैं। इतना ही नहीं, इसके साथ ही जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक रामेश्वर सिंह चौधरी पर भी इस कथित महिला के साथ नाजायज संबंध होने की बातें कहीं गई हैं। बताया गया है कि यह महिला चिताणु गांव में ही तन्मय कुमार के द्वारा खरीदकर दिलवाए गए फॉर्म हाउस में रहतीं है।

आईपीएस पंकज चौधरी का कहना है कि पत्र मिलने के बाद चिताणु गांव के कुछ लोग उनसे आकर मिले थे, जिन्होंने यह पत्र भेजने की बात कही थी। तीन पेज के इस पत्र में लिखा है कि आईएएस तन्मय कुमार ने कथित महिला के माध्यम से रीको व जेडीए के ठेकेदारों को ठेके दिलवाकर पैसे लिए हैं। इसके साथ ही बताया गया है कि आईएएस तन्मय कुमार ने कई अन्य जमीनें खरीद कर इस औरत से मिलने वाले लोगों के नाम करवा रखी है। आरोप है कि इस मामले में गांव का सरपंच मामराज गुर्जर व उसका भाई बनवारी, जो कि कांग्रेसी हैं भी शामिल है। बताया गया है कि यह औरत साल 2018 में राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए आईएएस तन्मय कुमार के माध्यम से टिकट लेने की तैयारी में है।

कई अन्य संगीन आरोप के साथ भेजे हुए पत्र में कहा गया है कि तन्मय कुमार इस कथित औरत के माध्यम से कई आईएएस, आईपीएस अधिकारियों की पैसे लेकर पोस्टिंग करवाते हैं। जिनमें हाल में भरतपुर पुलिस अधीक्षक अनिल टांक, जयपुर पुलिस आयुक्तालय में डीसीपी साउथ मनीष अग्रवाल व पाली कलेक्टर के नाम बताए गए हैं। इतना ही नहीं जयपुर ग्रामीण एसपी चौधरी का ट्रांसफर भी इसी औरत के मार्फत पैसे लेकर करवाने की बात कही गई है।

इस आरोपी पत्र में आईएएस तन्मय कुमार द्वारा इस कथित पूर्व जज की बेटी युवती को जयपुर के गांधी नगर में एक करोड़ रुपए का एक आलिशान फ्लैट दिलवाने का आरोप है। आईपीएस चौधरी द्वारा भेजे हुए पत्र में शामिल कागजातों में साफ लिखा है कि आईएएस तन्मय कुमार द्वारा जेडीए के पूर्व अधिकारी पवन अरोडा से भी एक लग्जरी कार अपनी बहन को दिलवाई थी। ये गाड़ी रैन्ज रोवर कंपनी की है, जिसकी कीमत 50 लाख रुपए बताई जा रही है। पत्र में मुख्यमंत्री को लिखा है कि आप ईमानदार मुख्यमंत्री हैं, प्रदेश को विकास की ओर ले जा रही हैं, लेकिन इस तरह के अधिकारी आपकी व सरकार की छवि को धुमिल करने में जुटे हुए हैं। पत्र में जांच करवाने की बात करते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि इसे लेकर अभी तक आईएएस तन्मय कुमार का कोई बयान सामने नहीं आया है।