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राजस्थान उपचुनाव: कांग्रेस के 3 दिग्गज पायलट, सीपी जोशी और भंवर जितेन्द्र सिंह लड़ेंगे चुनाव ?

फोकस भारत। राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 से पहले प्रदेश कांग्रेस के चार दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। ये चार दिग्गज है अशोक गहलोत, सचिन पायलट, सीपी जोशी औऱ भंवर जितेन्द्र सिंह| दरअसल अजमेर और अलवर में लोकसभा उपचुनाव और मांडलगढ विधानसभा का उपचुनाव होना है| उसके अलावा आगामी दिसम्बर में गुजरात विधानसभा का चुनाव है। जिसके प्रभारी अशोक गहलोत है। अगर उप चुनाव में सचिन पाटलट, भंवर जितेन्द्र सिंह और सीपी जोशी चुनाव लड़ते है तो कांग्रेस को मजबूती मिलेगी और कार्यकर्ताओं में नए जोश का संचार होगा लेकिन अगर ये नेता चुनाव नहीं लडेंगे तो ये इनके जननायक होने पर सवाल जरुर खड़े होंगे। और तीनों दिग्गजों ने चुनाव लड़ा तो ये उपचुनाव हाई प्रोफाइल हो जाएगा जिसका महत्व आम चुनाव से कम नहीं होगा। ये उपचुनाव कांग्रेस के लिए दिशा और दशा तय करेगा।

अशोक गहलोत-
पूर्व सीएम अशोक गहलोत के लिए गुजरात विधानसभा चुनाव परिणाम सियासी भविष्य के लिए बेहद अहम साबित होंगे| पीएम मोदी के गृहराज्य गुजरात को जीतने पर यकीनन गहलोत का कद बढ जाएगा, लेकिन अगर पहले से सीटें गुजरात में कम हो गई तो फिर खोने को भी बहुत कुछ है|अलबत्ता अशोक गहलोत पूरी ताकत के साथ गुजरात में चुनावी तैयारियों में जुटे हुए हैं|

सचिन पायलट-
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सचिन पायलट के लिए अजमेर लोकसभा उपचुनाव गलफांस है, क्योंकि वो वहां से सांसद रहे हैं| ऐसे में वो अजमेर से खुद लड़े या फिर किसी दूसरे को चुनाव लड़ाए| दोनों ही हालात में हार-जीत का सेरा पायलट के सिर पर ही बंधेगा|

सीपी जोशी-
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सीपी जोशी के लिए भी मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव अहम हो गया है, क्योंकि वो भीलवाड़ा से सांसद रहे है औऱ मांडलगढ़ से पिछला चुनाव लड़े विवेक धाकड़ को उन्होंने ही टिकट दिलाया था| इस बार भी टिकट वितरण में सीपी जोशी का काफी अहम रोल रह सकता है| सीपी जोश खुद भी चुनाव लड़ सकते है।

भंवर जितेन्द्र सिंह-
अलवर लोकसभा उपचुनाव भंवर जितेन्द्र सिंह के लिए परीक्षा की घड़ी होगा| यह भंवर जितेन्द्र सिंह का संसदीय क्षेत्र है। यहां से सांसद रहे और मंत्री बने। ऐसे में हार-जीत उनका भी राजनीति भविष्य तय करेगा| भंवर जितेन्द्र सिंह उपचुनाव लडेंगे या नही इसपर उनकी प्रतिष्ठा दांव पर है।