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वसुंधरा सरकार का मास्टरस्ट्रोक,आनंदपाल एनकाउंटर मामले में CBI जांच की अनुशंसा कर केन्द्र के पाले में डाली गेंद

फोकस भारत। राजस्थान के गैंगस्टर आनंदपाल सिंह एनकाउंटर मामले में मंगलवार को एक बार फिर से नया मोड़ आ गया। राजपूत समाज के 22 जुलाई के आंदोलन की चेतावनी के बाद मंगलवार को राजपूत समाज से वसुंधरा सरकार ने वार्ता की।गैंगस्टर आनंदपाल एनकांउटर और उससे जुड़ी सांवराद की घटनाओं के मामलों की जांच सीबीआई से कराने के लिए के अनुशंसा भेजने के लिए राज्य सरकार राजी हो गई। इसके साथ ही साथ अन्य बिन्दुओं पर सभी राजपूत समाज के नेताओं और राज्य सरकार के नुमाइंदों के बीच सहमति बनी है। इसके बाद सर्व समाज संघर्ष समिति ने 22 जुलाई को प्रस्तावित अपना आंदोलन वापस ले लिया।

आनदंपाल एनकाउंटर की होगी CBI जांच, इन 7 बातों पर बनी सहमति
राजपूत नेताओं और राज्य सरकार के तीन मंत्रियों के बीच मंगलवार को सचिवालय में वार्ता हुई। करीब चार घण्टे की बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी कि 24 जून को चूरू जिले के रतनगढ़ थाना क्षेत्र के मालासर गांव में पुलिए एनकाउंटर में मारे गए आननंदपाल सिंह और 12 जुलाई को नागौर के सांवराद गांव में हुए घटनाक्रम में मारे गए सुरेन्द्रसिंह प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने के लिए राज्य सरकार की ओर से अनुशंसा की जाएगी। इसी प्रकार राज्य सरकार अन्य प्रकरणों में दर्ज मुकदमों में कोई द्वेषतापूर्ण कार्रवाई नहीं की जाएगी। आनंदपाल सिंह की पुत्री चीनू की भारत वापसी में राज्य सरकार की ओर से कोई कठिनाई प्रस्तुत नहीं की जाएगी। समझौते के अनुसार श्रवणसिंह और उसके परिवार पर कोई नजरबंदी नहीं है तथा वह और उसका परिवार अपना सामान्य जीवन यापन कर रहा है। श्रवणसिंह या उसके परिवार का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति उनके मकान को संभाल सकता है। कमांडो सोहनसिंह का परिवार जयपुर से वेदांता अस्पताल में साथ में ही गया है। अगर वेदांता में परिजनों को चिकित्सा कारणों से मिलने में कोई कठिनाई आना व्यक्त किया गया तो वहां के चिकित्सकों से संपर्क कर उसके परिजनों को मिलाने में राज्य सरकार अपेक्षित सहयोग करेगी। समझौते के अनुसार आनंदपाल सिंह के परिजनों द्वारा आवेदन करने पर 24 घण्टे के भीतर प्रथम पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध करा दी जाएगी। इसी प्रकार राज्य सरकार द्वारा जन आंदोलन के दौरान हिंसा में घायल, मृतकों के परिजनों को देय मुआवजे के संबंध में राज्य सरकार द्वारा पूर्व में प्रसारित दिशा निर्देश के अनुसार सहायता दी जाएगी।

वार्ता में ये रहे मौजूद
राज्य सरकार की ओर से गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री राजेन्द्रसिंह राठौड़ और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने भी भाग लिया। सर्व समाज संघर्ष समिति के गिर्राजसिंह लोटवाड़ा, लोकेन्द्रसिंह कालवी, महावीर सिंह सरवड़ी, बलवीर सिंह हाथोज, जबरसिंह, दिलीपसिंह घोड़ीवारा, भंवरसिंह रेटा, करण सिंह राठौड़, यशवर्धन सिंह, मोहनसिंह हाथोज और मृतक सुरेन्द्रसिंह के परिजन कल्याण सिंह शामिल हुए।

वसुंधरा सरकार का मास्टरस्ट्रोक
दरअसल वसुंधरा सरकार ने सीबीआई जांच की मांग पर अनुशंसा करने की बात पर रजामंदी दी है। जिसमें अब सारा दारोमदार केन्द्र के हाथ में रहेगा। हालांकि वसुंधरा राजे पर केन्द्र से लगातार इस मामले को शांत करने का दबाव बना हुआ था। एक दिन पहले ही भाजपा के वरिष्ठ नेता नरपत सिंह राजवी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखा था।