फोकस भारत। राजस्थान आगामी उपचुनाव कांग्रेस की अग्निपरीक्षा के साथ ही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के लिए भी करो और मरो की स्थिति होगी। ये उप चुनाव जितना कांग्रेस के लिए महत्व रखते हुए उतना ही भाजपा के लिए भी। इन उपचुनावों में अगर भाजपा की जीत होती है तो वसुंधरा राजे की सता कायम रहेगी और उनका केन्द्र में रुतबा और दबदबा कायम रहेगा। लेकिन इसके विपरित उपचुनाव में हार मिली तो वसुंधरा राजे की कुर्सी जा सकती है और उनके राजनैतिक भविष्य पर भी संकट के बादल मंडरा सकते है। हालांकि वसुंधरा राजे ने राजनीति में किसी के आगे समझौता नही किया है और ना ही वो किसी के आगे झुकी है। लेकिन इस उपचुनाव में वसुंधरा राजे की प्रतिष्ठा जरुर दांव पर लगेगी।
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