रेगिस्तान में तेज आंधियों ने उड़ाया फिल्म परमाणु का सेट

फिल्म परमाणु द स्टोरी ऑफ पोकरण के सेट पर आंधी से उड़े तंबू। फोटो:सिकन्दर शेख
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फोकस भारत/जैसलमेर। राजस्थान में भारत-पाक सीमा पर बसे जैसलमेर जिले में वर्ष 1998 में पोकरण क्षेत्र की फील्ड फायरिंग रेंज में किए गए परमाणु परीक्षण को आधार बनाकर बनाई जा रही ‘परमाणु: द स्टोर ऑफ पोकरण’की शूटिंग इन दिनों जैसलमेर से करीब 40 किलोमीटर दूर सम के रेतीले लखमणा क्षेत्र में की जा रही है।

इसके लिए फिल्म के मुख्य कलाकार जॉन अब्राहम और अन्य कलाकार जैसलमेर पहुंचे हुए हैं और शूटिंग में हिस्सा ले रहे हैं। लेकिन इलाके में आई तेज़ आंधी ने जॉन अब्राहम को शूटिंग करने से रोक दिया। आंधियां इतनी तेज़ थी की शूटिंग के सेट पर लगे टेंट हवा में उड़ गए। शूटिंग वालों को आस पास में कुछ भी नज़र नहीं आ रहा था। जिसको देखते हुए एक दिन के लिए शूटिंग को कैंसिल कर दिया गया है। हालांकि इससे शूटिंग पर हो रहे लाखों खर्च बेकार चले गए मगर प्रकृति के आगे जॉन की भी नहीं चली।

तेज आंधी से सेट को बचाने की कोशिश करते फिल्म शुटिंग के क्रू। फोटो:सिकंदर शेख

दरअसल जैसलमेर में चल रही सिने अभिनेता जॉन अब्राहम की फिल्म की शूटिंग तेज़ आँधियों की वजह से कैंसिल करनी पड़ी। आंधियां इतनी तेज़ थी की शूटिंग स्थल पर रखा सामान अपनी जगह से उड़ने लगा। मौके की नजाकत को देखते हुए अगले दिन तक मौसम सही होने तक शूटिंग को कैंसिल किया गया। हालांकि इससे फिल्म के निर्माता को लाखों का नुकसान हुआ है मगर प्रकृति के हाथों सभी मजबूर है। फिल्म की शूटिंग के लिए सम के लखमणा स्थित रेतीले धोरों को फील्ड फायरिंग रेंज का रूप दिया गया है।

फिल्म के सेट पर तेज आंधी ने मचाई अफरा-तफरी। फोटो:सिकंदर शेख

यह पूरा इलाका मिलिट्री स्टेशन के अनुरूप तैयार किया गया है। लगाए गए सेट में प्रवेश द्वार, ऊंचे सुरक्षा मचान और बड़ी संख्या में सेना के वाहनों को शामिल किया गया है। यहां दिन के अलावा रात के समय भी शूटिंग की जा रही है। संभवत:इसी जगह पर परमाणु परीक्षण के विस्फोट का दृश्य फ्ल्मिाया जाएगा। जानकारी के अनुसार ‘परमाणु:द स्टोरी ऑफ पोकरण’ इसी वर्ष के 8 दिसम्बर को रिलीज की जाएगी। अभिषेक शर्मा के निर्देशन में बन रही फिल्म में जॉन अब्राहम के अलावा बोमन ईरानी और डायना पेंटी की मुख्य भूमिकाएं हैं। जैसलमेर से पहले पोकरण शहर में गत जून माह में फिल्म के विभिन्न दृश्य फिल्माए जा चुके हैं। गौरतलब है कि वर्ष 1998 के 11 और 13 मई को जैसलमेर जिले के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में परमाणु परीक्षण किए गए थे, जिसका पता अमेरिका सहित दुनिया के किसी देश को नहीं चल सका और सारी दुनिया तब भौंचक्की रह गई थी। भारतीय इतिहास में ये परीक्षण बड़ी उपलब्धि के तौर पर जाना जाता है। ऐसे में ये फिल्म इस परीक्षण को लेकर आम लोगों को मनोरंजन के साथ ही कई जानकारियां भी देगी।

रिपोर्ट:सिकंदर शेख, जैसलमेर