फोकस भारत । सीमावर्ती जैसलमेर जिले में केंद्र सरकार की दीन दयाल उपाद्याय विद्युत योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितियों घटिया स्तर का सामान उपयोग में लेने व फर्जी वाड़े की मिली शिकायतो के बाद बाड़मेर जैसलमेर सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी (colnel sona ram choudhary) ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर करोड़ो रुपये के घोटाले की जांच की मांग कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की हैं। उसके बाद सरकारो के निर्देशो के अनुरुप जोधपुर विद्युत वितरण निगम एम.डी द्वारा एक चीफ इंजीनीयर की अगुवाई में 4 सदस्यीय कमेटी गठित कर पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिये हैं, इसके अलावा एक निजी स्वतंत्र एजेन्सी को भी इस मामले में जांच के लिए अलग से नियुक्त किया गया हैं और सबसे दिलचस्प बात यह हैं कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युत योजना में इस विभाग द्वारा जितनी भी गांव ढाणियां विद्युतीकरण करने का दावा किया गया हैं उनमें अभी तक एक भी गांव ढाणी को जोधपुर विद्युत वितरण निगह को हैंड ओवर नही किया गया हैं। इसको देखते हुवें इस पूरे मामले में बहुत बड़े भ्रष्टाचार की संभावना व्यक्त की जा रही हैं।
गौरतलब है की केंद्र सरकार की दीन दयाल उपाध्याय योजना में राजस्थान के सीमावर्ती जैसलमेर-बाड़मेर के सैकड़ो गांव-ढाणिया अब जाकर विद्युत क्रान्ति का उजयारा हुआ हैं लेकिन इसके बावजूद आज भी सैकड़ो गांव-ढाणिया लालटेन चिमनी युग में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। ऐसे दर्जनो गांव व ढाणिया हैं जहां गांव के कुछ मीटर की दूरी पर बिजली पहुंचाई गई हैं मगर गांव में ना तो कनेक्शन दिये गए हैं और ना ही लाईनें बिछाई गई हैं। आजादी के बाद अभी भी यह गांव अंधरे में डूबे हुवें हैं। जैसलमेर में दीनदयाल उपाध्याय योजना के प्रथम चरण करीब 171 करोड़ खर्च किये जा चुके हैं लेकिन काम बहुत ही घटिया स्तर का हुआ हैं तथा दर्जनो गांव ढाणिया ऐसे हैं जो कि 2012 के सर्वे में विद्युतीकरण के लिए चिन्हित किये गए थे लेकिन उन्हें विद्युतीकरण नही करके किसी और गांव ढाणियों को कर दिया गया। इसके अलावा बड़े पैमाने पर कार्य अधुरा पड़ा हैं, कही पोल नही लगे तो कही मीटर लगे हैं तो कनेक्शन से नही जोड़े गए, इसके आवजूद भी ठेकेदार को 85 प्रतिशत कार्य का भुगतान कर दिया गया। सांसद सोनाराम चैधरी ने भी उन्हें पत्र लिखकर इस मामले में करप्शन की शिकायत की थी। इस मामले में हम लोग क्रोश वेरिफाई कराने के साथ पूरे मामले की जांच के लिए एक चीफ इंजीनीयरिंग की अगुवाई में एक कमेटी गठित की हैं। चार सदस्यीय इस कमेटी ने अपनी जांच शुरु कर दी हैं। इसके अलावा आऊट ऑफ डिस्कॉम एक इनडिपेन्डेंट कन्सलटेंट को भी हमने इस मामले के जांच के लिए नियुक्त किया हैं। वे भी अपनी अलग से जांच कर अतिशीघ्र मेरे को रिपोर्ट देंगे। सांसद कर्नल सोनाराम चैधरी ने बताया कि जैसलमेर में दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युत योजना में करोड़ो रुपये के घोटाला होने की संभावना हैं। इस मामले में ना केवल ठेकेदार को 3 चैथाई से ज्यादा भुगतान कर दिया गया हैं जबकि बड़े पैमाने पर विद्युतीकरण का काम बाकी हैं। अभी भी कई गांव, ढाणिया अंधेरे में डूबे हुवें हैं। इस योजना में काम भी बहुत क्वालिटी स्तर का नही किया गया हैं और कई स्थान ऐसे हैं जहां पर ना तो पोल लगे हैं और कही विद्युत पहुंची हैं उन्हें घरो से जोड़ा नही गया हैं। बड़े पैमाने पर कई ऐसे गांव ढाणिया हैं जिन्हें इलेक्ट्रीफाई दिखा दिया गया हैं जबकि इसमें वे अंधेरे में डूबे हुवें हैं। इस पूरे मामले की गहन जांच के लिए तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही के लिए उन्होने सरकार को पत्र लिखा हैं।
रिपोर्ट-सिकंदर शैख