फोकस भारत। केंद्रीय पर्यटन विभाग ने आमेर को आइकोनिक टूरिज्म सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए करीब 200 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव तैयार किया है। राजस्थानी की राजधानी जयपुर के आमेर महल को आइकोनिक टूरिज्म सेंटर के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर खुशी जताते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री अल्फांस, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और केन्द्रीय मत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ का आभार जताया है। आइकोनिक ट्यूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगा आमेर महल …
आइकोनिक टूरिज्म डेस्टिनेशन
ताजमहल को देखने के बाद सर्वाधिक पर्यटकों की पसन्द आमेर महल है। इसको केंद्र सरकार आइकोनिक टूरिज्म के रूप में विकसित करने जा रही है। इससे क्षेत्र का समग्र विकास और ग्रामीणों के लिए रोजगार के साधन बढ़ेंगे। सतीश पूनिया ने बताया कि नाहरगढ़ वन्य अभयारण्य व हाथी गांव के बाद यह बड़ा उल्लेखनीय कार्य केंद्र सरकार की पहल पर होगा। इस योजना से जहाँ पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार होगा, वहीं स्थानीय निवासियों को बुनियादी सुविधाओं से लेकर रोजगार की संभावनाएं बढेंगी ।। केंद्र सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख पर्यटक स्थल आमेर को आइकोनिक सिटी के रूप में विकसित कर ताजमहल की तर्ज पर आमेर महल के आसपास पर्यटक सुविधा पार्किंग, होटल से जुड़ी गतिविधिया संचालित की जाएगी। वाहनों को देखते हुए पर्यटकों के लिए ई-रिक्शा भी चालू होंगे।
क्यो खास है आमेर महल की
आमेर महेल का निर्माण 16 वीं शताब्दी में राजा मानसिंह ने करवाया था। यह विश्व धरोहर में भी शामिल है। इसे बनाते वक्त इसमें सफेद और लास सैंड स्टोन का इस्तेमाल किया गया। ये महल हिंदू ओर मुगल आर्किटेक्चर का बेजोड़ नमूना है। इसे किले में बना आमेर पैलेस खास तौर पर राज परिवार के रहने के लिए बनाया गया था। कहा जाता है कि आमेर फोर्ट में बना शीश महल माचिस की एक तिल्ली से रोशन हो जाता था।