फोकस भारत। राजस्थान में भाजपा के वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सोमवार को उन्होंने इसकी घोषणा की। दरअसल घनश्याम तिवाड़ी ने प्रेस कांफ्रेस में बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को इस बारे में अवगत करा दिया है। मसलन तिवाड़ी वर्तमान में जयपुर के सांगानेर से विधायक हैं। वे भारत वाहिनी नाम से अलग पार्टी बना चुके हैं। चुनाव आयोग ने हाल ही में उनकी पार्टी को मान्यता दी है। पार्टी का पहला अधिवेशन 3 जुलाई को जयपुर में होना प्रस्तावित है। तिवाड़ी के बेटे अखिलेश पार्टी के संस्थापक व अध्यक्ष हैं। अखिलेश ने बताया था कि घनश्याम तिवाड़ी की अगुवाई में आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी प्रदेश की सभी 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी करेगी। गौरतलब है कि धनश्याम तिवाड़ी के भाजपा से वैचारिक मतभेद काफी दिनों से चल रहे थे।
घनश्याम तिवाड़ी ने सोशल मीडिया पर त्याग पत्र जारी कर लिखा है कि … हृदय में पीड़ा और नई आशा के मिश्रित भाव से आज मैंने भाजपा से त्यागपत्र दे दिया है। 66 वर्ष के सम्बन्धों का अध्याय पूर्ण हुआ। राजनीतिक तपस्या के एक नए युगधर्म का प्रारम्भ…
राजनीतिक सफरनामा
घनश्याम तिवाड़ी बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में रहे हैं। वे पार्टी में कई अहम पदों पर काम किया है। राजस्थान की 7वीं, 8वीं, 10वीं, 12वीं, 13वीं, 14वीं विधानसभा के सदस्य रहे हैं। तिवाड़ी 1980 में पहली बार सीकर से विधायक बने। इसके बाद 1985 से 1989 तक पुन: विधानसभा क्षेत्र सीकर से विधायक रहे। 1993 से 1998 तक विधानसभा क्षेत्र चौमूं से विधायक बने। फिलहाल 2003 से वर्तमान में विधानसभा क्षेत्र सांगानेर से विधायक है। वह जुलाई 1998 से नवम्बर 1998 तक भैरोंसिंह शेखावत सरकार में ऊर्जा मंत्री भी रह चुके हैं। दिसम्बर, 2003 से 2007 तक वसुंधरा राजे सरकार में प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, विधि एवं न्याय, संसदीय मामले, भाषाई अल्पसंख्यक, पुस्तकालय एवं भाषा मंत्री रहे। दिसम्बर 2007 से वर्ष 2008 तक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और विधि एवं न्याय मंत्री के पद पर रहे।