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मंदिर प्रवेश पर पूरे गांव के दलितों को पीटा,अब समझौते का दबाव !

फोकस भारत/झुंझुनूं। राजस्थान में दलित अत्याचार लगातार बढ़ रहा है। जातीय वर्चस्व और सामंती सोच की इंतहा तो तब हुई जब राजस्थान के झुंझुनूं जिले की बुहाना तहसील के छोटे से गांव चुडिना में एक दलित के मंदिर प्रवेश को लेकर पूरे गांव के दलितों की लाठी-डंडों से निर्ममता पूर्वक पिटाई की। जब डंडे टूट गए तो जमकर पत्थर फेंके जिसमें गांव के कई दलित घायल हुए हैं। वहीं एक विद्यार्थी अभिषेक मेघवाल अभी भी जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। रविशंकर मेघवाल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई लेकिन घटना के पांच दिन बाद भी कुल 31 नामजद आरोपियों में से पुलिस ने महज 2 लोगों की गिरफ्तारी की है।
घटना के चश्मदीद रविशंकर मेघवाल बताते हैं कि गांव में ठाकुर जी का मंदिर है उसी में होली के दूसरे दिन यानि धुलंडी को वे समाज के ही दो-तीन युवकों के साथ मंदिर जा रहे थे लेकिन बीच में खड़े सवर्ण युवक ने उन्हें रोकते हुए कहा “साले चमारों तुम्हें मंदिर जाने का अधिकार किसने दिया और इसके बाद ही जातिसूचक गाली देते हुए उन पर हमला कर दिया।”
रविशंकर खूद चोटिल है और इस बात से चिंतित है कि आखिर वे क्या करें। क्योंकि पुलिस में शिकायत करने पर जब दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई तो पूरे गांव के सवर्ण अब केस वापिस लेने का दबाव बना रहे हैं। कुल 31 आरोपी नामजद है जिनमें से पुलिस ने महज 2 को ही गिरफ्तार किया है जो खूले आम घूम रहे हैं वे भी दलितों को धमका रहे है। रविशंकर कहते हैं कि गांव में ठाकुर जी के मेले में हर साल दलित भी चंदा देते हैं इस बार भी दलितों ने चंदा इकट्ठा किया था लेकिन सवर्णों ने चंदा नहीं लिया और पूरे गांव के दलितों के साथ मारपीट की। अब कह रहे हैं कि केस से क्या कर लोगे , गांव में जातीय संघर्ष ठीक नहीं हैं।जल्दी से जल्दी समझौता कर लो वरना ठीक नहीं होगा।