क्या राहुल-सचिन की जोड़ी जयपुर की 19 सीटों पर कर पाएगी कोई जादू ?

Facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail

फोकस भारत। ये पहला मौका है जब कांग्रेस पार्टी की कमान मिलने के बाद राहुल जयपुर पहुंचे है और रोड शो किया। जयपुर न सिर्फ राजस्थान की राजधानी है, बल्कि सीटों के लिहाज से भी यह जिला सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है और इस पर कांग्रेस की नजर है। राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट भी कह चुके हैं कि वह जयपुर में मजबूत होने वाले भाजपा के दावे को झूठा साबित कर देंगे।हालांकि, पायलट ने जयपुर को लेकर एक और वजह भी बताई। पायलट के मुताबिक पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद गांधी पहली बार प्रदेश यात्रा पर आ रहे हैं और यह वही शहर है जहां से उन्हें पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया था। इस कारण से कांग्रेस पार्टी के लिये जयपुर एक महत्वपूर्ण स्थान है।

जयपुर जिले का सियासी गणित
दरअसल जयपुर जिले में कुल 19 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से 14 सीटें सामान्य हैं, 3 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं और 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित की गई हैं। 13 तहसील वाले इस जिले में करीब 87 फीसद हिंदू आबादी है। जबकि 10 फीसदी के करीब मुस्लिम जनसंख्या हैं। जिले में अनुसूचित जाति की आबादी 15.1% और अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या 8% है।आमतौर पर शहरी आबादी में भारतीय जनता पार्टी को मजबूत माना जाता है। वही चुनाव नतीजे भी इसकी पुष्टि करते नजर आते हैं। राज्य के पिछले दो विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो जयपुर जिले में भी परिणाम बीजेपी के पक्ष में ही गए हैं।

2008 विधानसभा चुनाव में जयपुर का परिणाम
बीजेपी को 39.4%, कांग्रेस को 37.8%, निर्दलीयों को 16% और बहुजन समाज पार्टी को 3.1% वोट मिले थे। जबकि सबसे ज्यादा 10 सीटें बीजेपी ने जीती थीं।

बीजेपी- 10 सीट

कांग्रेस- 7 सीट

लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी- 1 सीट

निर्दलीय- 1 सीट

2013 विधानसभा चुनाव मे जयपुर का परिणाम
बीजेपी को 47.6% और कांग्रेस को 34.2% वोट हासिल हुए थे। जबकि 8.8% वोट निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गए थे। नेशनल पीपुल्स पार्टी ने कुल 7 फीसदी वोट पाए थे।

बीजेपी- 16 सीट

कांग्रेस- 1 सीट

निर्दलीय- 1 सीट

नेशनल पीपुल्स पार्टी- 1 सीट

दरअसल 2008 के चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और उसे 96 सीटें मिली थीं। जबकि बीजेपी को 78 सीटों पर संतोष करना पड़ा था । 17 अन्य के अलावा बीएसपी को 6 और सीपीएम को 3 सीटों पर जीत मिली थी। कांग्रेस ने अशोक गहलोत के नेतृत्व में राजस्थान में सरकार बनाई थी, लेकिन जयपुर जिले में बीजेपी ने कांग्रेस पर लीड कायम रखते हुए कांग्रेस से 3 सीट ज्यादा जीती थीं।इसके बाद 2013 के विधानसभा चुनाव में जब सत्ता विरोधी लहर चली तो बीजेपी ने पूरे राज्य सहित जयपुर जिले में लगभग क्लीन स्वीप कर दिया। कुल 200 विधानसभा सीटों में 163 पर बीजेपी को जीत मिली और जयपुर की 19 सीटों में से 16 सीटों पर उसके उम्मीदवारों ने परचम लहराया। जयपुर में कांग्रेस महज एक सीट ही हासिल कर पाई।
मसलन अब देखना होगा कि सचिन पायलट के नेतृत्व में उपचुनाव और स्थानीय निकाय चुनाव में बेहतर प्रदर्शन कर रही कांग्रेस जयपुर जीतने के लिए क्या रणनीति अपनाती है। ये भी देखना दिलचस्प होगा कि अशोक गहलोत जैसे बड़े रणनीतिकार की मौजूदगी में कांग्रेस के युवा नेताओं राहुल और सचिन पायलट की जोड़ी जयपुर के शहरी आबादी को आकर्षित कर पाती है। पायलट और राहुल गांधी की जोड़ी जयपुर के मतदाता में कितनी छाप छोडेगी ये तो आना वाला वक्त बताएंगा । लेकिन रोड के शो के जरिए जयपुर में कांग्रेस ने अपना पूरा दमखम दिखाया है।