फोकस भारत। राजस्थान सरकार ने नागरिकों के लिए नई ईमेल सेवा शुरू की है जिसकी घोषणा 18 अगस्त को की गई थी। मैं बहुत खुश हुआ, मैं इसकी जरूरत महसूस करता हूँ। आज जब mail.rajasthan.in पोर्टल पर ईमेल बनाने लगा तो फेसबुक लोगईन सहयोग से तो कोई ईमेल बना ही नहीं। मतलब फेसबुक पर आप हैं इससे आपको लोगईन का ऑप्शन तो है पर होता नहीं है।
पर पहले से ही मैंने आधार कार्ड से सरकारी वेब प्रोटाल पर एक ईमेल बना रखा है, जब आधार नंबर से बनाने लगा तो चला गया ओल्ड ईमेल पर। यानि पहले जो ईमेल बना रखा है। इसके साथ ही खुल गया सरकारी प्रचार प्रसार का पिटारा। एक संदेश दिखा था आपका ईमेल 15 मिनट बाद एक्टिव होगा या काम करेगा। 45 मिनट बर्बाद हो गए।
ऐसा नहीं है मैं टेक्नोलोजी फ्रेंडली नहीं हूँ। जब मैंने देखा की ये सब बनाया किसने है तो नीचे नाम दिखा- Powered by: www.xgenplus.com। ये अजय डाटा का वेंचर है। मैंने पहले भी अजय जी से सेवाएँ ली थी। जो मेरी जांचच परख पर बहुत ही कमजोर पाई गई। उनका शुक्रिया की आपने ये सेवाएँ मुझे मुफ्त दी पर उनके पास मेरा 50000 ईमेल का डेटा भी तो चला गया जो मुफ्त सेवाओं से ज्यादा कीमती है। ऐसा नहीं की मैं उनकी बुराई कर रहा हूँ। ऐसा मैंने उनको भी कहा है।इस तरह से ये सरकारी सेवा नहीं होकर एक प्राईवेट कम्पनी की सेवाएँ है। जहां बाजारवाद के युग में हमारी सूचनाओं की सुरक्षा की गारंटी तो बिलकुल नहीं हो सकती। सरकार को अपना सरवर, वेब इंजन और टीम बना कर इस तरह की सेवाएँ शुरू करनी चाहिए। सबसे बड़ा सवाल है सुरक्षा का।
भारत सरकार का .nic प्रोटल है जो सरकार को अपनी सेवाएँ दे रहा है। क्या यहाँ से भारत के नागरिकों के सुरक्षित सेवाएँ नहीं दी जा सकती है। ये युग ऑनलाईन फ्रॉड और ठगी का है। रोज साईबर क्राईम बढ़ रहे हैं। ऐसे में हम इस क्षेत्र को नजरंदाज नहीं कर सकते। फिर क्या फर्क रहा गया इस बाजारवाद के युग में गुगल आतंकवाद का और अन्य कंपनियों का। आप यहाँ ईमेल बनाना चाहते हैं और सुरक्षा भी चाहते हैं तो ये मात्र एक धोखा है। और इसकी क्या गारंटी है की इस डाटा को चुनाओं में प्रचार प्रसार के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। राजस्थान सरकार को सुरक्षा की गारंटी सबसे पहले देनी चाहिये। जब कहीं भी आप 5 सैकंड में आप अपना नया ईमेल बना सकते हैं तो 45 मिनट क्यूँ खर्च किया जावे। ये ही नहीं OTP तो मोबाईल पर अभी तक भी नहीं आया। मैंने एक बार फिर समय खर्च किया इस पर OTP आया। मेल तो एक्टिव हो गया पर कई सवाल छोड़ गया।
ये भी स्पष्ट नहीं है की हम एक दिन में कितनी ईमेल भेज सकते हैं। BCC में कितनी ईमेल एक साथ डाल सकते हैं। BCC में ईमेल डालने पर मेल ही नहीं जा रहा। क्या टर्म कंडीशंस है इस ईमेल से मेल भेजने के ? कहूँ तो कुछ भी स्पष्ट नहीं है। ये है आज के इस दौर में बाबा आदम के जमाने का काम काज है। दुनियाँ जब बहुत आगे बढ़ गई है। सरकार से इस तरह की सेवाओं की तो बिलकुल भी उम्मीद नहीं की जा सकती है। सरकार को पुन: इसकी समीक्षा करनी चाहिए। सब कुछ स्पष्ट किया जाना चाहिए। नागरिकों को सोच समझ कर इस सेवा का लाभ लेना चाहिए।
हनु रोज
फाउंडर
जयपुर इन्टरनेशनल फिल्म फेस्टीवल और लोकतन्त्र उत्सव।
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