जयपुर में वेस्टर्न आर्केस्ट्रा के जनक और संगीत विद्वान सी.एम.मालवीया को सम्मान से नवाजा

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फोकस भारत/जयपुर । सुर संगम संस्थान की ओर से राजस्थान की राजधानी जयपुर में शुक्रवार को वेस्टर्न आर्केस्ट्रा के संस्थापक व संगीत विद्वान सी.एम.मालवीया (90)का सम्मान किया गया। अजमेर रोड, हथरोई स्थित मिशन कंपाउंड गेट नं.2 स्थित वेस्ट मिशन बंगले में हुए एक सादा समारोह में उम्दा फनकार मालवीया का शॉल ओढ़ाकर, श्रीफल व माला पहनाकर अभिनदंन पत्र प्रदान किया। संस्था अध्यक्ष केसी मालू ने मालवीया का सम्मान किया। गौरतलब है कि संगीत के मूर्धन्य संगीत कलावंत मालवीय काफी दिनों से अस्वस्थ चल रहे हैं। संगीत में उनके उल्लेखनीय योगदान के मद्देनजर यह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में ब्रज सुर मंडल के अध्यक्ष आईएएस राममोहन, सुर संगम संस्थान के सचिव मुकेश अग्रवाल, दूरदर्शन के सेवानिवृत्त सुपरिटेंडेंट इंजीनियर सी.एल.अग्रवाल व थिएटर आर्टिस्ट सुधीर श्रीवास्तव समेत कई कलाकार व गणमान्य लोग भी मौजूद थे।

मालवीया का संगीत में योगदान
संगीत विद्वान सी.एम.मालवीया ने उभरते स्टूडेंट्स को संगीत की तालीम देने समेत उन्हें मंच भी उपलब्ध कराया। वे एकमात्र ऐसे फनकार हैं जिन्हें जयपुर में जयपुर में वेस्टर्न आर्केस्ट्रा का चलन शुरू करने का श्रेय जाता है। ऐसा उन्होंने वेस्टर्न म्यूजिक से खासा लगाव के कारण किया। वाकई जयपुर में 1942 में स्पाइडर्स नाम से शुरू की वेस्टर्न ऑर्केस्ट्रा ने न सिर्फ शहर बल्कि पूरे राज्य में धूम मचा दी। उन्होंने संगीत दीवानों को नया अनुभव करा उनका भी दिल जीत लिया।

अकॉर्डियन साज पर जादुई अंगुलियों का कमाल
सुर संगम संस्थान व वीणा समूह के डायरेक्टर केसी मालू ने बताया कि संगीत के अनन्य साधक सी.एम.मालवीया ने बॉलीवुड संगीतकार अनिल विश्वास, रवीन्द्र जैन, गायक मो.रफी, मन्ना डे जैसी हस्तियों के साथ उन्होंने तबला और वेस्टर्न अकॉर्डियन साज पर अपनी जादुई अंगुलियों का कमाले फन दिखाया। उन्होंने उस्ताद अली अकबर व उस्ताद इमामुद्दीन डागर जैसे मशहूर फनकारों समेत पं.दुर्गालाल व पं.देवीशंकर जैसे कथक नृत्य गुरुओं के साथ भी तबले पर प्रभावी संगति की।