फोकस भारत/जयपुर। राजस्थान की वसुंधरा सरकार और संगठन में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बीजेपी के अंदरूनी अंसतोष से नाराज पार्टी आलाकमान नए समीकरणों पर विचार कर रहे हैं। गुजरात चुनावों से पहले सरकार और संगठन में बड़े फेरबदल की चर्चाएं फिर से तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के राजस्थान दौरे से ठीक पहले बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष का परिवर्तन किया जा सकता है।
वहीं पार्टी गुजरात चुनावों से पहले राजस्थान में सरकार के शीर्ष नेतृत्व में परिवर्तन का भी मन बना चुकी है। माना जा रहा है कि गुजरात में दलितों की नाराजगी को देखते हुए पार्टी राजस्थान में सीएम किसी दलित नेता को बनाना चाहती है। वहीं बीजेपी में अंदरखाने डॉ.किरोड़ी लाल मीणा की भी पार्टी में वापसी की चर्चाएं हैं। लेकिन किरोड़ी ने साफ संकेत दिए हैं कि वे वसुंधरा राजे के नेतृत्व में पार्टी में नहीं आना चाहते हैं।
कौन हो सकता है अगला सीएम-
बीजेपी के आलाकमान का मानना है कि राजस्थान में दलित नेता के तौर पर संघ से जुड़े अर्जुन मेघवाल को आखिरी वक्त में मुख्यमंत्री बनाया जाए और साथ ही उप मुख्यमंत्री के तौर पर किरोड़ी लाल मीणा को आगे लाकर पार्टी दलित और आदिवासियों को संतुष्ट करना चाहती है। वहीं राजस्थान में वसुंधरा राजे को हटाने के बाद सबसे मजबूत ये ही विकल्प है जिस पर सर्वसम्मति हो सकती है।पार्टी गुजरात में ऊना कांड के बाद दलितों का भी भारी विरोध झेल रही है। गुजरात दलित और आदिवासी बाहुल्य है ऐसे में दलितों और आदिवासियों का वोट बैंक बीजेपी के लिए गुजरात में सत्ता की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है। बीजेपी आलाकमान राजस्थान में दलित और आदिवासी को सत्ता के शीर्ष पर बिठाकर एक तीर से दो शिकार करना चाहता है। जिससे से गुजरात में भी मैसेज जाए और आने वाले दिनों में राजस्थान में भी उसे फिर से दलित और आदिवासियों के वोट मिल सके।