फोकस भारत। भाजपा इन दिनों पूरे जोश-खरोश के साथ अपने युगपुरुष दीनदयाल उपाध्याय का जन्म शताब्दी वर्ष मना रही है। इस अवसर पर कई योजनाएं और कार्यक्रम दीनदयाल उपाध्याय को समर्पित करते हुए चलाए जा रहे हैं। इसी कडी में पिछले महीनों भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी समारोह समिति का गठन भी किया था जो समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच दीनदयाल उपाध्याय से संबंधित तरह-तरह के कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। खुद तत्कालीन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य इस समिति का जिम्मा संभाले हुए थे। भाजपा के कई और कद्दावर नेता इसमें शामिल हैं।इसी समिति की ओर से सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया है. इसके लिए सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता 2017 नाम से एक पुस्तिका भी प्रकाशित की गई है। लाखों की संख्या में यह पुस्तिका बच्चों को सरकारी और ग़ैर-सरकारी स्कूलों में बांटी गई है। सामान्य ज्ञान की इस पुस्तिका में भारत के इतिहास से जुड़ी कई बातों का उल्लेख है। इस पुस्तिका के आधार पर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। 70 पेज की इस पुस्तिका में पेज नंबर 34 पर सामान्य ज्ञान का एक चैप्टर है। शीर्षक है- भारत में प्रथम और इसके अंतर्गत भारत के प्रथम राष्ट्रपति, गवर्नर जनरल, उप राष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष, उप प्रधानमंत्री आदि के नामों का उल्लेख है, लेकिन इस किताब में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री का जिक्र करना जरुरी नही समझा गया औऱ नेहरु का नाम कहीं नजर नहीं आता है। इसमें भारत की पहली महिला प्रधानमत्री का भी जिक्र नहीं है। हालांकि भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में सुचेता कृपलानी को तो जगह मिली है। हां, भारत रत्न से सम्मानित प्रथम महिला के रूप में इंदिरा गांधी को इस सूची में शामिल किया गया है. और यह भी बताया गया है कि प्रधानमंत्री पद से त्यागपत्र देने वाले पहले प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई थे।
पेज नंबर 7 पर हमारे महापुरुष शीर्षक से एक चैप्टर है। इसमें महापुरुषों की सूची में स्वामी विवेकानंद,भीमराव अंबेडकर, गुरु गोविंद सिंह, बिरसा मुंडा, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, नानाजी देशमुख, मदनमोहन मालवीय, डॉ हेडगेवार, वीर सावरकर, कबीर दास, पटेल और लक्ष्मीबाई के नाम हैं। महात्मा गांधी का जिक्र तक इस सूची में नहीं आता। न ही पूरी पुस्तिका में कहीं भी महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता के रूप में बताया जाता है। कुल मिलाकर ये पुस्तक पढ़ने के बाद सुविधाओं के इतिहास की झलक नजर आएगी।
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