Operation Lotus -एकनाथ शिंदे के विद्रोह के बाद भाजपा (BJP) ने महाराष्ट्र में ‘ऑपरेशन लोटस’ शुरू किया या नहीं, इस पर चर्चा हो रही है, भाजपा ने पहले कुछ राज्यों में ये प्रयोग किया था, राजनैतिक विश्लेषक कहते है कि बीजेपी पर इस तरह के आरोप कर्नाटक में ‘ऑपरेशन लोटस’ से शुरू हुए थे। साल 2008 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई, हालांकि, बहुमत तक पहुंचने के लिए उनके पास तीन सीटें कम थीं, उन्हें कुछ विधायकों का समर्थन मिला, लेकिन सरकार स्थिर रहने के लिए एक और विधायक को पार्टी के साथ जोड़ना पड़ा वो ऑपरेशन लोटस की शुरुआत थी। साल 2018 में मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए थे, इसमें भाजपा के 109 विधायक चुने गए, जबकि कांग्रेस के 114 विधायक निर्वाचित हुए, कांग्रेस ने कमलनाथ के नेतृत्व में निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई, लेकिन डेढ़ साल के भीतर ही कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच सत्ता संघर्ष शुरू हो गया, आखिरकार मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य 22 विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए, बागी विधायकों में तत्कालीन कमलनाथ सरकार के 14 मंत्री शामिल थे, उसके बाद भाजपा के शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर मुख्यमंत्री बने । गोवा में कांग्रेस के 15 विधायकों में से 10 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए, हालांकि यह संख्या दो तिहाई से अधिक है, भाजपा दल-बदल विरोधी कानून से प्रभावित नहीं हुई। साल 2016 में उत्तराखंड में कांग्रेस सरकार को नौ विधायकों के विद्रोह में उलझा दिया गया था। इन विधायकों के ख़िलाफ़ विधानसभा अध्यक्ष द्वारा अयोग्य ठहराए जाने के बाद, कांग्रेस सरकार को बर्खास्त कर दिया गया और उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाया गया, उस वक्त कांग्रेस ने बगावत के पीछे बीजेपी का हाथ होने का आरोप लगाया था, बागी विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए, अरुणाचल प्रदेश में भी 2016 में बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन में कांग्रेस विधायक चले गए थे जिसके बाद वहां सत्ता में बदलाव आ गया था, इस में कांग्रेस के 42 विधायक भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ‘पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल’ में शामिल हो गए थे।
‘ऑपरेशन लोटस’ BJP की उस स्ट्रैटजी के लिए गढ़ा गया शब्द है, जिसमें सीटें पूरी न होने के बावजूद पार्टी सरकार बनाने की कोशिश करती है। पिछले 6 साल के दौरान 7 राज्यों में BJP ने ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाया। इसमें से 4 बार BJP को सफलता मिली है, जबकि 3 बार मात खानी पड़ी।