क्या वकील इंदिरा जयसिंह के घर पर CBI की रेड ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ का मामला है ?

क्या वकील इंदिरा जयसिंह के घर पर CBI की रेड 'राजनीतिक प्रतिशोध' का मामला है ?

फोकस भारत। केंद्रीय जाँच एजेंसी यानी सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट की वकील इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर के दिल्ली और मुंबई स्थित घरों पर छापेमारी की है। दरअसल आरोप है कि इन्होंने दिल्ली स्थित एनजीओ लॉयर्स कलेक्टिव के लिए विदेशी चंदे के नियमों का उल्लंघन किया है। दिल्ली में सीबीआई ने 54-निज़ामुद्दीन ईस्ट स्थित आवास पर और सी-6 निज़ामुद्दीन ईस्ट में लॉयर्स कलेक्टिव के दफ़्तर पर छापेमारी की है। वहीं अधिकारियों ने इस रेड के बारे में कोई जानकारी नहीं दी ह।आनंद ग्रोवर इंदिरा जयसिंह के पति हैं। इंदिरा जयसिंह भारत की एडिशनल सॉलिसटर जनरल रही हैं.।कहा जा रहा है कि इनके एनजीओ ने फॉरन कंट्रिब्यूशन रेग्युलेशन एक्ट का उल्लंघन किया है।

 

सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा है कि उन्हें और उनके पति को मानवाधिकार के क्षेत्र में किए गए उनके कामों के लिए CBI निशाना बना रही है। इंदिरा जयसिंह कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए-2 सरकार के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल थीं। उनको यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी का करीबी माना जाता है। वहीं  आनंद ग्रोवर को  सामाजिक मुद्दों पर उनकी वकालत के लिए जाना जाता है। इन मुद्दों में समलैंगिकता के खिलाफ लड़ाई और HIV/AIDS को लेकर जागरूकता अहम रहे हैं। ग्रोवर ‘2G घोटाले’ मामले में स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर भी रहे थे।

 

CBI ने इंदिरा के पति आनंद ग्रोवर को विदेशी वितरण (विनियम) अधिनियम (FCRA) के उल्लंघन का आरोपी बनाया है इस एजेंसी ने गृह मंत्रालय की शिकायत पर ग्रोवर और उनके NGO के खिलाफ FIR दर्ज की थी। मंत्रालय की शिकायत में NGO को मिले विदेशी फंड के मामले में अनियमितता के आरोप लगाए गए थे। CBI की FIR में इंदिरा जयसिंह का नाम आरोपी के तौर पर शामिल नहीं है, लेकिन गृह मंत्रालय की शिकायत में उनकी भूमिका का जिक्र था। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, लॉयर्स कलेक्टिव को सामाजिक काम करने के लिए पंजीकृत कराया गया था और इसे 2006-07 से 2014-15 तक 32.39 करोड़ रुपये मिले। मंत्रालय ने अपनी शिकायत में कहा है कि इस NGO के मामले में FCRA के उल्लंघन का खुलासा 2010 में हुआ।इस साल जून में गृह मंत्रालय ने लॉयर्स कलेक्टिव का विदेशी वितरण (विनियम) अकाउंट सस्पेंड कर दिया था। मंत्रालय ने इस NGO को नोटिस भेजकर पूछा था कि उसका अकाउंट रद्द क्यों ना किया जाए? अपने आदेश में गृह मंत्रालय ने कहा था कि इंदिरा जयसिंह ने FCRA नियमों का उल्लंघन किया है। मंत्रालय के मुताबिक, इंदिरा जब एडिशनल सॉलिसिटर जनरल थीं, तब उन्होंने विदेशी फंड लिया था। FCRA के तहत सरकारी कर्मचारियों को विदेशी फंड लेने की अनुमति नहीं होती।

 

सुप्रीम के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने इस रेड पर ट्वीट कर कहा है, ”अपने एनजीओ के लिए विदेशी चंदे का दुरुपयोग के आरोप में इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर को घर पर सीबीआई की रेड पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध का मामला है। सरकारी एजेंसियों की ओर से रेड और मुक़दमा को अब विपक्षियों को प्रताड़ित करने का तरीक़ा बना लिया गया है।’

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