BJP के ‘महाराष्ट्र चारा घोटाला’ का क्या है पूरा सच ?

BJP के 'महाराष्ट्र चारा घोटाला' का क्या है पूरा सच ?

फोकस भारत। अब एक चारा घोटाला सामने आया है महाराष्ट्र में। इंडिया टुडे रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है।  दरअसल  यहां भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना की सरकार है। महाराष्ट्र के कई एनजीओ से मिलाकर सूखा पीड़ित पशुओं के लिए आए चारे के साथ घपला किया हैऔर वहीं प्रदेश सरकार के मंत्री और भाजपा के नेता कहते हैं कि प्रदेश में कोई घोटाला नहीं हुआ है।

 

क्या है मामला

इस साल मार्च में महाराष्ट्र प्रदेश सरकार ने सूखा पीड़ित किसानों के पशुओं के लिए चारा शेल्टर या कैम्प बनाने का काम शुरू किया था। पूरे प्रदेश में कुल 1,653 कैम्प बनाए जाने की घोषणा हुई। जानवरों के इन कैम्पों में सरकार की तरफ से जानवरों के रहने की व्यवस्था तो की ही जाती है, साथ ही साथ इन पशुओं को चारा-पानी भी मुहैया कराया जाता है।इन सभी कैम्पों के संचालन के साथ-साथ जानवरों को चारा-पानी देने की ज़िम्मेदारी प्रदेश के कई छोटे-बड़े एनजीओ ने ली। “इंडिया टुडे” से बातचीत में एनजीओ से जुड़े इन कैम्प संचालकों ने स्वीकारा है कि जानवरों को दिए जाने वाले चारे में उन्होंने घपला किया है। इन चारा कैम्प के नियम के अनुसार बड़े पशुओं को रोजाना 18 किलो चारा, और छोटे पशुओं को 9 किलो चारा खिलाया जाना होता है। लेकिन कैम्प संचालकों ने कहा है कि वे बड़े जानवरों को 12 किलो और छोटे जानवरों को 6 किलो चारा ही देते हैं। दरअसल बीड जिले के कालसाम्बर गांव के पशु कैंप के संचालक गणेश वाघमारे ग्राम पंचायत सदस्य हैं और शिवसेना सदस्य हैं। वाघमारे ने खुफिया कैमरे पर बात करते हुए वाघमारे ने स्वीकार किया कि पशुओं के लिए आए चारे के रिकॉर्ड में घपले और गायों को कम चारा खिलाने की बात स्वीकार की।

 

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