जन्मदिन विशेषः योगी आदित्यनाथ की राजनीति में एंट्री किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं

जन्मदिन विशेषः योगी आदित्यनाथ की राजनीति में एंट्री किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं

फोकस भारत। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 5 जून को  जन्मदिन है। योगी आदित्यनाथ आज 47 साल के हो गए हैं।  मूल रूप से उत्तराखंड के राजपूत परिवार में जन्मे आदित्यनाथ का असली नाम अजय सिंह है। योगी गोरखपुर से लगातार पांच बार बीजेपी के सांसद रहे हैं। पहली बार उन्होंने 1998 में लोकसभा का चुनाव जीता तब उनकी उम्र महज 26 साल थी। योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के गोरखनाथ मठ के महंत हैं। योगी आदित्यनाथ का एक धार्मिक संगठन भी है जिसका नाम हिंदू युवा वाहिनी है और इसका पूर्वी उत्तर प्रदेश में खासा दबदबा है।

 

योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने की दिलचस्प कहानी

दरअसल  राजनीतिक पंडित बताते है कि दो दशक पहले  गोरखपुर शहर के मुख्य बाज़ार गोलघर में गोरखनाथ मंदिर से संचालित इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले कुछ छात्र एक दुकान पर कपड़ा ख़रीदने आए और उनका दुकानदार से विवाद हो गया दुकानदार पर हमला हुआ, तो उसने रिवॉल्वर निकाल ली। दो दिन बाद दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एक युवा योगी की अगुवाई में छात्रों ने उग्र प्रदर्शन किया और वे एसएसपी आवास की दीवार पर भी चढ़ गए। जी हां यह योगी आदित्यनाथ थे, जिन्होंने कुछ समय पहले ही 15 फरवरी 1994 को नाथ संप्रदाय के सबसे प्रमुख मठ गोरखनाथ मंदिर के उत्तराधिकारी के रूप में अपने गुरु महंत अवैद्यनाथ से दीक्षा ली थी। राजनीतिक विशलेषक बताते है कि 2016 मार्च में गोरखनाथ मंदिर में हुई भारतीय संत सभा की चिंतन बैठक में आरएसएस के बड़े नेताओं की मौजूदगी में योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया गया।

जीवन के अनछुए पहलु

उत्तराखंड के गढ़वाल के एक गांव से आए अजय सिंह बिष्ट के योगी आदित्यनाथ बनने के पहले के जीवन के बारे में लोगों को ज़्यादा कुछ नहीं मालूम, सिवा इसके कि वह हेमवतीनंदन बहुगुणा विश्वविद्यालय, गढ़वाल से विज्ञान स्नातक हैं और उनके परिवार के लोग ट्रांसपोर्ट बिज़नेस में हैं। दरअसल महंत अवैद्यनाथ भी उत्तराखंड के ही थे। गोरखनाथ मंदिर के महंत की गद्दी का उत्तराधिकारी बनाने के चार साल बाद ही महंत अवैद्यनाथ ने योगी को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी भी बना दिया।

 

हिंदू युवा वाहिनी

प्रेषक बताते है कि योगी आदित्यनाथ ने  निजी सेना के रूप में हिंदू युवा वाहिनी  का गठन किया, जिसे वह ‘सांस्कृतिक संगठन’ कहते हैं और जो ‘ग्राम रक्षा दल के रूप में हिंदू विरोधी, राष्ट्र विरोधी और माओवादी विरोधी गतिविधियों’ को नियंत्रित करता है। हिंदू युवा वाहिनी के खाते में गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर से लेकर मउ, आज़मगढ़ तक मुसलमानों पर हमले और सांप्रदायिक हिंसा भड़काने के दर्जनों मामले दर्ज हैं। स्वयं योगी आदित्यनाथ पर भी हत्या के प्रयास, दंगा करने, सामाजिक सदभाव को नुक़सान पहुंचाने, दो समुदायों के बीच नफ़रत फैलाने, धर्मस्थल को क्षति पहुंचाने जैसे आरोपों में तीन केस दर्ज हैं।

 

 

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