बिहार में परिवहन विभाग की नई सौगात ‘ट्रांसजेंडर पास’

बिहार में परिवहन विभाग की नई सौगात 'ट्रांसजेंडर पास'

फोकस भारत। बिहार राज्य किन्नरों के विकास और उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए संवेदनशील नजर आ रहा है। लेकिन ये सब मुमकिन हो पा रहा है रेशमा प्रसाद के प्रयासों से। दरअसल रेशमा प्रसाद ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट है। रेशमा ने पिछले कई सालों से थर्ड जेंडर समुदाय की बेहतरी के लिए प्रयास किए है। उन्हीं मे से एक ओर उपलब्धि होथ लगी है थर्ड जेंडर समुदाय के लिए।

‘ट्रांसजेंडर पास’ नई पहल

दरअसल  बिहार राज्य पथ परिवहन निगम मोबाइल पास और प्रीपेड ट्रेवल कार्ड के साथ ही चलो मोबाइल एप तैयार किया है। इसकी लांचिंग मंगलवार को परिवहन विभाग मंत्री संतोष कुमार निराला और परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने किया। इस मौके पर महिला यात्री पास, स्टूडेंट्स पास, ट्रांसजेंडर पास, पब्लिक इंफार्मेशन सिस्टम और इलेक्ट्राॅनिक टिकटिंग मशीन का शुभारंभ किया गया।परिवहन विभाग मंत्री संतोष कुमार निराला ने कहा कि परिवहन विभाग लगातार आगे बढ़ रहा है। हर वर्ग के लोगों के लिए बेहतर सुविधा मुहैया करा कर लोगों का विश्वासपात्र बना है, जिसकी प्रशंसा हर जगह हो रही है। परिवहन के क्षेत्र में पटना काफी आगे बढ़ चुका है। चलो एप के माध्यम से यात्रियों का सफर और आसान हो जाएगा।  वहीं परिवहन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कहा कि चलो एप परिवहन के क्षेत्र में एक नई पहल है। सिटी सर्विस की बसों की लाइव लोकेशन ट्रैक करने के लिए चलो मोबाइल एप लांच किया गया है। इस मोबाइल एप में यात्रियों को सिटी सर्विस की बसों का रियल टाइम लोकेशन तो मिलेगा ही। साथ ही एप के जरिए बसों मे यात्रा करने के लिए मोबाइल पास की भी सुविधा उपलब्ध की गई है। बस में यात्रा करने के लिए अब मोबाइल ही पास का काम करेगा। वहीं एक बार प्रीपेड ट्रेवल कार्ड बनवा कर जरुरत के अनुसार रिचार्ज कराते हुए बस में कहीं भी सफर कर सकते हैं।

कैसे करेगा काम

प्रीपेड ट्रेवल कार्ड (चलो कार्ड) में जरुरत के अनुसार रिचार्ज करा कर सिटी सर्विस की बसों में यात्रा कर सकते हैं। इसमें एक टैप से एक सेकंड में पेमेंट कर सकते है। यह कार्ड वाॅलेट की तरह काम करेगा। जिस रुट में भी यात्रा कर रहे हों कार्ड दिखा कर यात्रा कर सकेंगे। इसमें कंडक्टर इलेक्टाॅनिक टिकटिंग मशीन के द्वारा कार्ड से पेमेंट लेगा। यह 10 रुपया से 3000 के बीच जरुरत के अनुसार रिचार्ज हो सकता है।कंडक्टर से किसी भी बस में कभी खरीदा और रिचार्ज किया जा सकता है। इसका बैलेंस कभी अमान्य नहीं होता।अगर आपके पास मोबाइल में इटरनेट की सुविधा नहीं और और सफर के दौरान पता करना चाहते हैं कि आपकी बस कहां है और कितनी देर में स्टाॅप पर पहुुंचेगी तो इसके बारे में किसी से पूछने की जरुरत नहीं होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ महत्वपूर्ण स्टाॅपेज पांच जगहां पर पब्लिक इंफारर्मेशन सिस्टम लगाया गया है। इस सिस्टम के जरिए एलईडी स्क्रीन पर बसों का स्टेटस दिखाया जायेगा।

क्या है चलो मोबाइल एप
चलो मोबाइल एप एक निशुल्क मोबाइल एप है, जिसे प्रौद्योगिकी-आधारित परिवहन समाधान कंपनी जापहाॅप टेक्नोलाॅजी प्राइवेट लिमिटेड ने डेवलप किया है। इसका लक्ष्य यात्रा को सभी के लिए बेहतर बनाना है। यह एप खासतौर से उन यात्रियों के लिए बेहतर बनाया गया है, जो बस, रेलगाड़ी और सार्वजनिक परिवहन के अन्य रुटो पर निर्भर रहते हैं। इससे यूजर एक मैप पर अपनी बस की लाइव ट्रैकिंग कर सकते हैं, अपने बस स्टाॅप पर बस के आगमन का समय जान सकते हैं।

 

 किन्नरों को मिलेगा फायदा
रेशमा प्रसाद ने बताया कि  मैं संजय कुमार अग्रवाल प्रधान सचिव परिवहन विभाग एवं श्री संतोष कुमार निराला माननीय मंत्री परिवहन विभाग हार्दिक अभिनंदन करती हुं। जिसमें एक ट्रांसजेंडर रियायती पास मुझे देते हुए सभी ट्रांसजेंडर समुदाय को रियायती पास के नियम को लागू किया गया । रेशमा आगे कहती है कि इससे पहले 2015 में मेरे और मेरे संस्थान दोस्ताना सफर के साथियों के दौड़ भाग से एक सीट ट्रांसजेंडर समुदाय को बसों में आरक्षित होने का प्रावधान लागू है और इसका उपयोग हमारी साथी और मैं खुद बसों में बैठकर के लगातार कर रहे है । पूरे भारत में ट्रांसजेंडर समुदाय बिहार के अलावा कहीं भी बसों में आरक्षित सीटें नहीं प्राप्त करती है और ना ही कोई रियायत उनको मिलती है । यह बिहार के ट्रांसजेंडर समुदाय के साथियों के लिए गौरव का समय है कि हमें बिहार राज्य परिवहन निगम के द्वारा बहुत बड़ी रियायत तो नहीं लेकिन रियायतें मिली हुई है इसके अलावा एक सीट आरक्षित भी हुआ है। 

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